नई दिल्ली,(ए.)। संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को विपक्षी इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर किया गया, जिसमें लाखों नाम कथित रूप से मतदाता सूची से हटाए जाने का आरोप है।
इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, राजद नेता मनोज झा और मीसा भारती समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने हिस्सा लिया।
इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने नारे लगाते हुए कहा नहीं चलेगा-नहीं चलेगा, एसआईआर नहीं चलेगा, वोटबंदी बंद करो। प्रदर्शन के दौरान सांसदों के हाथों में तख्तियां भी थीं जिन पर एसआईआर के विरोध में नारे लिखे हुए थे। कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने कहा, कि ऐसा नहीं हो सकता कि रातों-रात लाखों लोगों को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया जाए। यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
इस प्रदर्शन से पहले इंडिया गठबंधन के सांसदों की एक अहम बैठक भी हुई, जिसमें आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में यह तय किया गया कि एसआईआर के मुद्दे को संसद में पूरी ताकत के साथ उठाया जाएगा।सूत्रों के मुताबिक, बैठक में राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने की अनुमति दिलाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
वहीं कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में भी सत्र की रणनीति और पार्टी लाइन तय की गई। इसमें मल्लिकार्जुन खडग़े, राहुल गांधी सहित वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।
क्या है एसआईआर विवाद?
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत बिहार में कथित तौर पर रातों-रात लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता और जनहित के खिलाफ है और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष संसद के भीतर इस मुद्दे को कितनी मजबूती से उठा पाता है।








