ऑस्ट्रेलिया चोरी छिपे इजराइल को भेज रहा एफ-35 के पार्टस

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 -रिपोर्ट से खुलासा, ऑस्ट्रेलिया पर युद्ध अपराध की कार्रवाई करने की मांग
तेहरान,(ए)। ईरान-इजराइल युद्ध में अमेरिका इजराइल की मदद तो कर करता ही है, वहीं आस्ट्रेलिया ने भी चोरी छिपे इजराइल को एफ-35 लड़ाकू विमान के पुर्जें भेजे। अब खबर आ रही कि ऑस्ट्रेलिया इजराइल के एफ-35 लड़ाकू विमानों के लिए स्पेयर पाट्र्स भेज रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया गुपचुप तरीके से इजराइल को एफ35 फाइटर जेट के पाट्र्स मुहैया करा रहा है। जांच में पाया गया कि सिडनी से तेल अवीव जाने वाली उड़ानों में भेजे गए माल के कार्गो रिकॉर्ड में विमान के पुर्जे के रूप में दर्ज थे।
रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि सिर्फ दो अलग-अलग शिपमेंट भेजे गए, या फिर ऑस्ट्रेलिया इजराइल के साथ एक बड़ा ट्रेड कर चुका है, जिसके तहत एफ-35 के पुर्जे उसे भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार 4 जुलाई को यह पुर्जे भेजे गए थे। रिकॉर्ड बताते हैं कि विमान के पुर्जे सिडनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर थाई एयरवेज की उड़ान टीजी472 के कार्गो होल्ड में लोड किए गए थे। यह उड़ान दोपहर 2:50 बजे बैंकॉक के लिए रवाना हुई थी और अल अल की उड़ान एलवॉय82 से जुडक़र तेल अवीव पहुंची, जो 6 जुलाई को उतरी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विमान के पुर्जों को पैकिंग बताया गया था और उन पर ईएआर99 लिखा था। यह मैसेज साफ तौर पर दिखाता है कि कोई अमेरिकी सामान भेजा जा रहा है।
पैकेज का वजन केवल एक किलो बताया गया था। दस्तावेज में कहा गया है कि विमान के पुर्जों का स्रोत एफ-35 लड़ाकू विमान बनाने वाली कंपनी लॉकहीड मार्टिन थी। रिपोर्ट में यह कहा गया है, लॉकहीड मार्टिन ही एफ-35 ज्वाइंट स्ट्राइक फाइटर के पुर्जे बनाती है1 इसके अलावा कोई और इसे नहीं बना सकता।
शिपिंग रिकॉर्ड में माल के आपूर्तिकर्ता का नाम ‘आरएएएफ’, यानी रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स बताया गया है। दस्तावेज में माल पाने वाले का पता केवल तेल अवीव-जाफ़ा, इजराइल लिखा है। यह रिपोर्ट बताती है कि ऑस्ट्रेलिया की सरकार चोरी छिपे इजराइल को फाइटर जेट के पाट्र्स भेज रही है।
आस्ट्रेलिया सरकार पूरी दुनिया को इसके बारे में झूठ बोल रही है। रिपोर्ट में ऑस्ट्रेलिया की सरकार पर युद्ध अपराध में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। गाजा में जारी युद्ध और नागरिकों की बढ़ती मौतों के बीच इजराइल को एफ-35 फाइटर जेट के स्पेयर पाट्र्स देने पर भी सवाल उठ रहे हैं। मानवाधिकार समूह और कुछ सांसदों का कहना है कि इस सप्लाई से इजराइल की सैन्य ताकत और बढ़ेगी, जिससे संघर्ष और गहरा जाएगा। आलोचकों का मानना है कि आस्ट्रेलिया का चोरी छिपे एफ35 के पार्टस भेजना युद्ध में एक पक्षकार माना जाएगा। यह अपराध की श्रेणी में आता है।

 

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