नई दिल्ली (आरएनएस)। अमेरिका द्वारा अन्य देशों पर प्रस्तावित टैरिफ को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वे शुक्रवार से व्यापारिक साझेदार देशों को उनकी संभावित टैरिफ दरों की जानकारी देने के लिए औपचारिक पत्र भेजना शुरू करेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा, मेरा झुकाव एक पत्र भेजने और यह बताने का है कि वे कितना टैरिफ भुगतान करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उच्च अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए विभिन्न देशों के साथ वार्ता अपने अंतिम चरण में है।ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कुछ ही दिनों में दर्जनों देशों पर भारी आयात शुल्क लागू होने वाले हैं। यह टैरिफ नीति अप्रैल में घोषित उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिका ने लगभग सभी व्यापारिक साझेदारों के सामानों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इसके तहत कुछ उत्पाद श्रेणियों पर यह दर और अधिक बढ़ाने की योजना भी शामिल है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ लगाने की अंतिम समयसीमा को 9 जुलाई तक बढ़ा दिया है ताकि देशों के साथ वार्ता के लिए अतिरिक्त समय मिल सके। कई देश इन टैरिफ से छूट पाने के लिए अमेरिका के साथ समझौतों पर जोर दे रहे हैं। ब्रिटेन और वियतनाम से हुआ समझौता अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में कई व्यापार समझौतों की घोषणा हो सकती है। फिलहाल अमेरिका ने केवल ब्रिटेन और वियतनाम के साथ समझौतों को सार्वजनिक किया है। वहीं, अमेरिका और चीन ने भी आपसी व्यापार उत्पादों पर लगाए गए शुल्कों को अस्थायी रूप से कम करने पर सहमति जताई है।








