इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इजरायली डिफेंस फोर्सेज (आईड़ीएफ) ने दक्षिणी लेबनान के टायर जिले में कई स्थानों पर गोले बरसाए। इससे पहले इजरायल ने 12 कस्बों और गांवों के निवासियों को चेतावनी जारी कर संभावित हमलों के मद्देनजर अपने घर खाली करने को कहा था। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी एनएनए (नेशनल न्यूज एजेंसी) ने बताया कि इजरायली तोपों ने टायर जिले के विभिन्न इलाकों को निशाना बनाया। हमलों में फ्रून और घंदूरियेह नगरपालिकाओं के साथ-साथ अल-मंसूरी, कलाइला और माजदल जौन की पहाडिय़ों के बाहरी क्षेत्र शामिल हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, गोलाबारी के कारण इन क्षेत्रों में दहशत का माहौल है और कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। हालांकि, अब तक किसी के हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले इजरायली सेना ने चेतावनी जारी करते हुए दक्षिणी लेबनान के 12 इलाकों में हमले की जानकारी दी थी और निवासियों को तुरंत वहां से हटने को कहा था। इसे संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। आदेशानुसार लोगों से कहा गया कि वे अपने घरों से करीब 1,000 मीटर दूर खुले इलाकों में शिफ्ट हो जाएं। दावा किया गया कि कार्रवाई हिज्बुल्लाह के खिलाफ ऑपरेशन का हिस्सा है।
यह घटनाक्रम क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकता है। अमेरिका की मध्यस्थता से इजरायल और लेबनान के बीच जो सीजफायर हुआ था, वह अप्रैल के बीच में लागू हुआ था। अब इसे मई के बीच तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि इस दौरान भी हमले कम नहीं हुए हैं। रुक-रुक कर जमीनी कार्रवाई जारी है।
दक्षिण में, इजरायल के पास अपनी हमलावर सेना के पांच डिवीजन मौजूद हैं। वह बड़े पैमाने पर बमबारी कर रहा है और घरों को ध्वस्त कर रहा है। आईडीएफ ने रविवार को जिन कस्बों-गांवों को खाली कराने की बात की थी उनमें से तीन ऐसे थे जिन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा।बेरूत,03 मई। इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इजरायली डिफेंस फोर्सेज (आईड़ीएफ) ने दक्षिणी लेबनान के टायर जिले में कई स्थानों पर गोले बरसाए। इससे पहले इजरायल ने 12 कस्बों और गांवों के निवासियों को चेतावनी जारी कर संभावित हमलों के मद्देनजर अपने घर खाली करने को कहा था। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी एनएनए (नेशनल न्यूज एजेंसी) ने बताया कि इजरायली तोपों ने टायर जिले के विभिन्न इलाकों को निशाना बनाया। हमलों में फ्रून और घंदूरियेह नगरपालिकाओं के साथ-साथ अल-मंसूरी, कलाइला और माजदल जौन की पहाडिय़ों के बाहरी क्षेत्र शामिल हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, गोलाबारी के कारण इन क्षेत्रों में दहशत का माहौल है और कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। हालांकि, अब तक किसी के हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले इजरायली सेना ने चेतावनी जारी करते हुए दक्षिणी लेबनान के 12 इलाकों में हमले की जानकारी दी थी और निवासियों को तुरंत वहां से हटने को कहा था। इसे संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। आदेशानुसार लोगों से कहा गया कि वे अपने घरों से करीब 1,000 मीटर दूर खुले इलाकों में शिफ्ट हो जाएं। दावा किया गया कि कार्रवाई हिज्बुल्लाह के खिलाफ ऑपरेशन का हिस्सा है।
यह घटनाक्रम क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकता है। अमेरिका की मध्यस्थता से इजरायल और लेबनान के बीच जो सीजफायर हुआ था, वह अप्रैल के बीच में लागू हुआ था। अब इसे मई के बीच तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि इस दौरान भी हमले कम नहीं हुए हैं। रुक-रुक कर जमीनी कार्रवाई जारी है।
दक्षिण में, इजरायल के पास अपनी हमलावर सेना के पांच डिवीजन मौजूद हैं। वह बड़े पैमाने पर बमबारी कर रहा है और घरों को ध्वस्त कर रहा है। आईडीएफ ने रविवार को जिन कस्बों-गांवों को खाली कराने की बात की थी उनमें से तीन ऐसे थे जिन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा।








