टेनिस कोर्ट की ‘क्वीन’ थीं स्टेफी ग्राफ, एक फैन ने किया प्रपोज; दूसरे ने कर दी थी सारी हदें पार

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नई दिल्ली ,(ए)। स्टेफी ग्राफ का नाम टेनिस जगत में बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। 14 जून 1969 को जर्मनी के मैनहेम में जन्मीं खिलाड़ी के नाम 22 ग्रैंड स्लैम खिताब हैं।स्टेफी ग्राफ ने अपने खेल से दौलत, शोहरत और जबरदस्त फैन फॉलोइंग हासिल की है। जब टेनिस कोर्ट पर स्टेफी ग्राफ मौजूद रहती थीं, तो फैंस अक्सर कुछ ऐसा कर देते, जो सभी का ध्यान खींच लेता। स्टेफी ग्राफ से जुड़ी एक ऐसी घटना है, जिसने उस दौर में सबको हक्का बक्का कर दिया।वाकया साल 1993 का है। यह वो वक्त था, जब युवा स्टेफी ग्राफ के लिए मोनिका सेलेस मुश्किल चुनौती बनती नजर आ रही थीं।30 अप्रैल को एक मैच के दौरान स्टेफी ग्राफ के एक सिरफिरे फैन ने मोनिका सेलेस की पीठ में छुरा घोंप दिया, जिसके चलते मोनिका को काफी समय तक टेनिस कोर्ट से दूर रहना पड़ा। इस हमले ने मोनिका के करियर के ग्राफ को तेजी से नीचे ला दिया और वह फिर कभी पुराने फॉर्म में वापस नहीं लौटीं।फैंस के बीच स्टेफी ग्राफ की लोकप्रियता इस कदर थी कि साल 1995 में विंबलडन मैच के दौरान एक फैन ने उन्हें प्रपोज तक कर दिया था। उस समय स्टेफी सर्व करने के लिए तैयार थीं कि इसी बीच एक फैन ने उन्हें प्रपोज करते हुए कहा- स्टेफी विल यू मैरी मी?फैन की आवाज पूरे कोर्ट में गूंज गई, जिसे सुनकर स्टेफी मुस्कराने लगीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा- हाउ मच मनी डू यू हैव? अपनी तीव्रता, गति और शक्तिशाली फोरहैंड के लिए पहचानी जाने वालीं स्टेफी ग्राफ 1990 के दशक तक दुनिया की प्रमुख खिलाडिय़ों में शुमार थीं। उन्होंने फ्रेंच ओपन (1987-88, 1993, 1995-96 और 1999), ऑस्ट्रेलियन ओपन (1988-90 और 1994) और यूएस ओपन (1988-89, 1993 और 1995-96) में कई एकल खिताब जीत लिए थे, लेकिन 1999 में विंबलडन के फाइनल में हारने के बाद अपनी चोट से परेशान स्टेफी ग्राफ ने 16 साल के अपने टेनिस को अलविदा कह दिया।

 

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