इजरायली हमले में ईरान के सेना प्रमुख और परमाणु वैज्ञानिकों समेत कई लोग मारे गए?

Join Us

दुबई,(आरएनएस)। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया है। इजरायल ने कहा कि उसने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरान के सरकारी मीडिया ने जानकारी दी है कि इस हमले में इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर हुसैन सलामी, सेना प्रमुख मोहम्मद बाघेरी और 2 प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक समेत कई और लोग मारे गए हैं। मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी को लंबा सैन्य अनुभव था और वे 1980 में आईआरजीसी में शामिल हुए थे। उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। उनके बड़े भाई भी आईआरजीसी में कमांडर रहे हैं।सेना में शामिल होने से पहले उन्होंने राजनीतिक भूगोल में पीएचडी की थी और एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में पढ़ाते भी थे। जून 2016 में उन्हें सेना प्रमुख नियुक्त किया गया था। अमेरिका ने बाघेरी पर प्रतिबंध लगा रखा था।1960 के दशक में जन्में सलामी ने ईरान-इराक युद्ध के दौरान अपना सैन्य करियर शुरू किया था।इससे पहले वे मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके थे।
उन्होंने सीरिया, इराक और यमन में आईआरजीसी के अभियानों का नेतृत्व किया। 2022 में ईरान में महसा अमीनी विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में भी अहम भूमिका निभाई। 2019 में सलामी को आईआरजीसी का कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया था।वे आए दिन अमेरिका और इजरायल विरोधी बयानबाजी करते रहते थे।ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के पूर्व प्रमुख फरेदून अब्बासी की भी इस हमले में हत्या हो गई है। वे ईरानी संसद के भी सदस्य थे।
उनका जन्म 11 जुलाई, 1958 को अबादान शहर में हुआ था। उन्होंने परमाणु भौतिकी में पीएचडी की थी और 1979 में आईआरजीसी में शामिल हुए। वे 2011 से 2013 तक ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख रहे थे।2010 में भी इजरायल ने अब्बासी की हत्या की कोशिश की थी।हमले में एक और परमाणु वैज्ञानिक मोहम्मद मेहदी तेहरानची की भी हत्या हो गई है। माना जाता है कि वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े हुए थे।ईरान की परमाणु नीति में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। वे ईरान के सबसे बड़े निजी विश्वविद्यालय इस्लामिक आजाद विश्वविद्यालय के प्रमुख भी थे।
जिस इमारत में तेहरानची रहते थे, इजरायल ने उस पर हमला किया, जिसमें तेहरानची की मौत हो गई।
इजरायल ने आज तडक़े ईरान के कम से कम 6 परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। ये हमले तेहरान, तबरीज, करमानशाह, अराक, नतांज और इस्फाहान में किए गए हैं।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमला इसलिए किया गया, क्योंकि ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
वहीं, ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला खामनेई ने कहा कि इजराइल को इस हमले के लिए सजा मिलेगी।

Previous articleईरान पर हमलों के बाद बेंजामिन नेतन्याहू बोले-इजरायल का पहला हमला सफल रहा
Next articleइजरायल के हमलों पर ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई बोले-कड़ी और दर्दनाक सजा मिलेगी