अमरावती (ए.)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि उनका लक्ष्य 2029 तक राज्य को गरीबी मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सरकारी नीतियों के माध्यम से वित्तीय सफलता हासिल की है, उन्हें आगे आकर वंचितों की सहायता करनी चाहिए, उन्हें हर तरह से आगे बढऩे में मदद करनी चाहिए। उन्होंने कल श्रीकाकुलम जिले के एचेरला निर्वाचन क्षेत्र में मत्स्यकारा सेवालो (मछुआरों की सेवा में) कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। नायडू ने कहा कि उन्होंने एक कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें सलाहकार गरीबों का व्यापक रूप से मार्गदर्शन और उत्थान करेंगे। नायडू ने कहा कि यदि आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्ति गरीब परिवारों की हर संभव तरीके से सहायता करें, तो समाज में कोई असमानता नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री ने एचेरला निर्वाचन क्षेत्र के बुडगटलापलेम में मछुआरों से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम के तहत उन्होंने बताया कि मछली पकडऩे पर प्रतिबंध की अवधि के दौरान 20,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके अलावा, बच्चों की शिक्षा का समर्थन करने के लिए, नायडू ने घोषणा की कि अगले महीने से, तल्ली की वंदनम योजना के तहत प्रत्येक छात्र को 15,000 रुपये मिलेंगे। वहीं, नायडू ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को अपनी वैश्विक उत्पाद विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करना चाहिए और मध्यम आय के जाल में फंसने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, “आज हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। अगले दो साल में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। तीसरे स्थान तक पहुंचने तक हमारे पास कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। लेकिन असली प्रतिस्पर्धा तो अब शुरू हुई है।”








