नई दिल्ली,(ए)। राज्यसभा इंटर्नशिप कार्यक्रम-चरण 7 के उद्घाटन सत्र में, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने हमारी मानसिकता को बड़े पैमाने पर बदल दिया है। हम पहले से कहीं अधिक राष्ट्रवादी हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास एकजुट रहने और मजबूत होने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए, हमें स्वदेशी ताकत की आवश्यकता है। युद्ध को ताकत की स्थिति में टाला जाना चाहिए। शांति तब सुरक्षित होती है जब आप युद्ध के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और इसलिए ताकत तकनीकी कौशल, पारंपरिक हथियारों की ताकत के अलावा लोगों से भी आती है। उन्होंने कहा कि संस्थाओं की तरह, राजनीतिक जनजातियों का भी राष्ट्रीय हित के प्रति नैतिक कर्तव्य है, क्योंकि सभी संस्थाओं के लिए अंतिम केंद्र बिंदु राष्ट्रीय विकास, जन कल्याण और पारदर्शिता, जवाबदेही, ईमानदारी पैदा करना है। उपसभापति धनखड़ ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रगति के मुद्दों पर, सभी गुटों को राष्ट्रीय हित को दलीय प्राथमिकताओं से ऊपर रखना चाहिए। मैं राजनीतिक स्पेक्ट्रम में सभी से गंभीरता से विचार करने और निष्कर्ष पर पहुंचने की अपील करूंगा कि आंतरिक सुरक्षा और विकास के मुद्दों पर आम सहमति होनी चाहिए।








