संसद के विशेष सत्र में देश को दी जाए सच की जानकारी: ममता बनर्जी

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 सीएम ने कहा- बंगाल सरकार राष्ट्र्रहित में हमेशा केन्द्र के साथ है

कोलकाता,(आरएनएस)। बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने तमाम बार सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वह देश हित सह संप्रभुता की रक्षा से जुड़ी हर पहल पर तृणमूल कांग्रेस केंद्र के साथ खड़ी है। एक बार फिर बंगाल की सीएम ममता ने राज्य में सत्तारूढ़ सरकार अपने अवस्थान पर कायम है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की वैश्विक कूटनीतिक मुहिम का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह दुनिया भर में पाकिस्तान के आतंकवाद की पोल खोलने के लिए गए विभिन्न दलों के प्रतिनिधिमंडल की वापसी के बाद संसद का विशेष सत्र बुलाए। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि देश की जनता को हालिया संघर्ष और उससे जुड़े घटनाक्रमों की पूरी जानकारी दी जा सके। ममता बनर्जी ने एक ट्वीट में लिखा, मैं खुश हूं कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की वैश्विक मुहिम के तहत सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों का दौरा कर रहा है। मैंने हमेशा कहा है कि राष्ट्रीय हित और संप्रभुता की रक्षा से जुड़ी हर पहल पर तृणमूल कांग्रेस केंद्र के साथ खड़ी है। मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करती हूं कि प्रतिनिधिमंडल के लौटने के बाद संसद का विशेष सत्र बुलाए, क्योंकि जनता को सबसे पहले सच्चाई जानने का अधिकार है।संसद के सर्वदलीय प्रतिनिधि वर्तमान में आतंकवादी पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए विदेश यात्रा कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी समेत 8 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल जापान, इंडोनेशिया और कोरिया के दौरे पर है। जापानी विदेश मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री से मुलाकात की और पहलगांव में हुए आतंकवादी हमले तथा भारतीय सेना के जवाबी ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जापान ने भारत को आश्वासन दिया कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उसके साथ खड़ा रहेगा। गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को लेकर दुनिया के सामने ठोस सबूत पेश करने की रणनीति अपनाई है। इसी के तहत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को कई प्रमुख देशों में भेजा गया है, जहां वे भारत के रुख को स्पष्ट कर रहे हैं और पाकिस्तान की आतंकी साजिशों को बेनकाब कर रहे हैं। यह अभियान भारत की विदेश नीति में निर्णायक कदम के तौर पर देखा जा रहा है, जहां राजनीतिक दलों के मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी जा रही है।

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