भारत में फिर मंडराया कोरोना का खतरा!
जबलपुर (ए)। 5 साल पहले अचानक से पूरी दुनिया को गहरे जख्म दे चुका कोरोना वायरस यानी कोविड-19 एक बार फिर तेजी से दस्तक दे रहा है। भारत में भी पिछले कुछ दिनों से लगातार कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे है, जिसको लेकर स्वस्थ्य विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
कोरोना का खतरा दुनियाभर में एक बार फिर से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। इस नई लहर का प्रकोप एशियाई देशों में सबसे ज्यादा है। हांगकांग-सिंगापुर और चीन के कई हिस्सों से शुरू हुई कोरोना की ये लहर अब भारत में भी दस्तक दे चुकी है। 22 मई, गुरुवार तक देश में कुल 257 एक्टिव केस हैं। दुनिया के कई हिस्सों में जिस तरह से संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, इसे देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भारत में भी लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए उपाय करते रहने की सलाह दी है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में 12 मई से 19 मई के बीच सप्ताह में 164 नए कोविड मामले दर्ज किए गए, जिससे देश में कुल सक्रिय मामले 257 हो गए। केरल में सबसे अधिक 95 मामले हैं, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 69 मामलों की वृद्धि है। इसके बाद तमिलनाडु में 66 और महाराष्ट्र में 56 मामले हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कोरोना के नए मामलों में वृद्धि हुई है, हालांकि यहां स्थिति काफी नियंत्रित है।
वायरस का प्रभाव हल्का
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि प्रारंभिक आकलन से पता चलता है कि हाल के मामले ज्यादातर हल्के हैं, महाराष्ट्र में दो लोगों की मौत जरूर रिकॉर्ड की गई है हालांकि उनको पहले से ही कोमोरबिडिटी थी। ये पुष्टि नहीं है कि मौत कोरोना की वजह से हुई है या फिर उनकी बीमारी के कारण। मेडिकल रिपोट्र्स पर गौर करें तो पता चलता है कि दुनियाभर में एक बार फिर से बढ़ते संक्रमण के मामलों के लिए ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स को ही जिम्मेदार माना जा रहा है। जेएन.1 प्रमुख वैरिएंट है, इसके अलावा कुछ हिस्सों में एलपी8.1 वैरिएंट के कारण भी प्रकोप देखा जा रहा है। भारत में भी जेएन.1 को ही प्रमुख वैरिएंट माना जा रहा है।
मप्र में अलर्ट
मध्यप्रदेश में भी कोरोना संक्रमण को लेकर अलर्ट है। जबलपुर संभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर हेल्थ डॉक्टर संजय मिश्रा ने बताया कि भारत में कुछ जगह पर कोरोना के पॉजिटिव केस आए है, पर इससे डरने की जरूरत नहीं है, हालांकि राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई एडवाइजरी जारी नहीं हुई है, और ना ही कोई केस पॉजिटिव आया है, लक्षणों के आधार पर ही यह कहा जा रहा है। जबलपुर सीएमएचओ डॉक्टर संजय मिश्रा का कहना है कि बीते कुछ दिनों से सिंगापुर, मलेशिया में तेजी से कोरोना के केस बढ़ रहे है।
भारत में भी दिल्ली के अलावा कई अन्य शहरों में कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले मरीज मिले है। पर इससे पहले कोविड की दो लहरों को हम जूझ चुके है, इस वायरस से कैसे बचना चाहिए, क्या करना चाहिए, यह अच्छे से जान चुके है, इसलिए अब इस वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है। लोग अभ्यसत हो चुके है कोरोना से लडऩे को लेकर। सीएमएचओ ने सभी से मांग की है कि जैसे कोरोना के समय एहतियत बरतते थे, उसी तरह से रहे, भीड़भाड़ वाले इलाके में मास्क पहनकर जाए, दूरियां बनाकर रखे, मास्क लगाए, अगर किसी को सर्दी, खांसी या फिर बुखार के लक्षण मिलते है, तो तुरंत ही अस्पातल जाकर डॉक्टर की सलाह ले।








