नई दिल्ली (आरएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह को कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने न केवल मंत्री विजय शाह की याचिका पर एफआईआर पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, बल्कि उन्हें सार्वजनिक जीवन में संयम बरतने की कड़ी नसीहत भी दी। मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने स्पष्ट शब्दों में मंत्री विजय शाह को फटकार लगाते हुए कहा, आप मंत्री हैं, संवैधानिक पद पर हैं। क्या यह भाषा आपको शोभा देती है? न्यायालय ने कहा कि जब देश संवेदनशील परिस्थितियों से गुजर रहा हो, ऐसे समय में जिम्मेदारी के पद पर बैठे किसी नेता से इस तरह की बयानबाज़ी की उम्मीद नहीं की जा सकती।
विजय शाह के वकील ने दलील दी कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोडक़र पेश किया और उनके मुवक्किल ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली है। इस पर सीजेआई ने कहा कि अगर ऐसा है तो पहले हाईकोर्ट में क्यों नहीं गए? कोर्ट ने कहा कि 24 घंटे में कोई असाधारण नुकसान नहीं होगा और इस मामले पर अगली सुनवाई 16 मई को होगी। तब तक एफआईआर पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। मंत्री विजय शाह ने एक जनसभा में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर एक विवादित बयान दिया था, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। मामला गंभीर होते देख मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद महू तहसील के मानपुर थाने में विजय शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 152, 196(1)(बी) और 197(1)(सी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
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