ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी वायुसेना का 20 प्रतिशत बुनियादी ढांचा तबाह, और कितना नुकसान हुआ?

Join Us

नईदिल्ली(आरएनएस)। पहलगाम हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को जबरदस्त नुकसान हुआ है। भारत की ओर से किए गए सटीक हमलों में पाकिस्तानी वायुसेना का करीब 20 प्रतिशत बुनियादी ढांचा तबाह हो गया है और उसके कई लड़ाकू विमान भी नष्ट हो गए हैं।भारतीय हमलों में अधिकारियों समेत पाकिस्तानी सेना के 50 सैनिकों की मौत भी हुई है। इसमें पाकिस्तानी वायुसेना के 4 एयरमैन भी शामिल हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने चकलाला में नूर खान, शोरकोट में रफीकी, चकवाल में मुरीद, सुक्कुर, सियालकोट, पसरूर, चुनियां, सरगोधा, स्कर्दू, भोलारी और जैकोबाबाद के सैन्य प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों को निशाना बनाया। यहां पाकिस्तानी वायुसेना के एफ-16 और जे-17 लड़ाकू विमान तैनात थे।
इन हमलों की कुछ सेटेलाइट तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें पाकिस्तान के एयरबेस को हुए नुकसान को साफ तौर पर देखा जा सकता है।रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध के जमशोरो में भोलारी एयर बेस पर हुए हमले में वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ और 4 वायुसैनिकों समेत 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। सूत्रों ने बताया कि हमले में पाकिस्तानी वायुसेना के कई लड़ाकू विमान नष्ट हो गए हैं।नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में कई आतंकवादी बंकर और पाकिस्तानी सेना के ठिकाने भी तबाह हो गए हैं।भारतीय सेना ने समय-समय पर पाकिस्तान के एयरबेस और आतंकी ठिकानों पर हमले के सबूत जारी किए हैं।सेना ने हमले के पहले और बाद की तस्वीरें जारी कर तबाही का मंजर दिखाया है। इनमें देखा जा सकता है कि हमले के बाद कई पाकिस्तानी एयरबेस पूरी तरह तबाह हो गए हैं।हाल ही में खबर आई थी कि रहीम यार खान एयरबेस के एकमात्र रनवे को एक हफ्ते के लिए बंद किया गया है।
भारत के तीनों सेनाओं के सैन्य ऑपरेशन महानिदेशक ने पुष्टि की कि भारतीय सेना ने पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू मिराज जेट को मार गिराया था। सेना ने मिराज लड़ाकू विमान का मलबा भी दिखाया।
सेना ने कहा, पाकिस्तान की ओर से दागी गईं चीन निर्मित पीएल-15 मिसाइलें भी अपने लक्ष्य से चूक गई और आप इसके टुकड़े देख सकते हैं जो हमारे पास उपलब्ध हैं। एक और हथियार जो मिला है, वह लंबी दूरी के रॉकेट हैं।
००

Previous articleभारत-पाकिस्तान तनाव के बाद जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में बनेंगे और बंकर
Next articleचीन ने बदले अरुणाचल प्रदेश की जगहों के नाम, भारत बोला- इससे वास्तविकता नहीं बदलेगी