भोपाल (आरएनएस)। जिले में अधूरी नल-जल योजनाओं को लेकर गुरुवार को जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट, सदस्य विनय मेहर, चंद्रेश राजपूत, देवकुवर हाड़ा समेत सुरेश राजपूत, अनिल हाड़ा और विनोद राजोरिया जिला पंचायत परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। जाट ने चार दिन पहले कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को इसकी जानकारी दे दी थी। जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन से जिम्मेदार अफसरों की सांसें फूल गई हैं। बीती रात वे जनप्रतिनिधियों को मनाने में जुटे रहे। अधूरी योजनाओं के कारण गांवों की बड़ी आबादी गर्मी में पानी के लिए परेशान हो रही है। इसे लेकर जिला पंचायत की बैठक में मुद्दा भी उठ चुका है, पर पीएचई विभाग के जिम्मेदार नहीं जागे। इस कारण जिपं उपाध्यक्ष जाट ने कलेक्टर को पत्र लिखा था। जिसमें कहा था कि जिपं ऑफिस परिसर में ही 24 अप्रैल से भूख हड़ताल पर बैठूंगा।
हालांकि, कलेक्टर को पत्र लिखते ही सीईओ ईला तिवारी ने नल-जल योजनाओं के बारे में 3 दिन में रिपोर्ट मांग ली थी। उन्होंने जनपद पंचायत फंदा एवं बैरसिया अंतर्गत स्वीकृत, हस्तांतरित, ट्रायलरन, प्रगतिरत नल-जल योजनाओं के निरीक्षण, जांच कराने के लिए टीमें बना दीं। इस टीम में पीएचई, जनपद के इंजीनियर, सचिव, रोजगार सहायक शामिल किए गए, जो जिला पंचायत के सभी सदस्य को अवगत कराते हुए निरीक्षण/जांच करेंगे।
जिपं उपाध्यक्ष जाट ने कलेक्टर को पत्र लिखा कि 27 मार्च को साधारण सभा की बैठक हुई थी। इसमें जल जीवन मिशन योजना के तहत विभागीय अधिकारियों को 15 दिन में अधूरी नल-जल योजनाओं को पूरा करने को कहा गया था, लेकिन 23 अप्रैल का दिन भी बीत गया। बावजूद अब तक न तो कोई रिपोर्ट दी गई और न ही गांवों में पेयजल संकट खत्म हुआ है।








