नगर के सत्यम शर्मा को प्रतिष्ठित भारतीय प्रबन्ध संस्थान ( आई आई एम) से एमबीए की डिग्री शिलांग में आयोजित संस्थान के 16 वें दीक्षांत समारोह में प्रदान की गई। यह उपाधि उनको मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा, हनीबेल इंडिया के अध्यक्ष डॉ. आशीष मोदी, आईआईएम शिलांग के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स के चेयरपर्सन शिशिर कुमार बजोरिया एवं प्रोफ़ेसर ऑफ़ एमिनेंस डी.पी. गोयल की विशिष्ट उपस्थिति में प्रदान की गई । सत्यम शर्मा ने जबलपुर के मॉडल हाई स्कूल से हाई स्कूल और बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से बी.टेक. तथा वेल्लोर इंस्ट्रीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ( वीआईटी ) से मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग में एम.टेक. की डिग्री हासिल की । विश्वप्रसिद्ध फोर्ड मोटर्स में एक वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त किया और बहुराष्ट्रीय कंपनी क्वेस्टग्लोबल में कंसल्टेंट के रूप में पदस्थापना हुई लेकिन कुछ ही महीनों बाद कोरोना महामारी के कारण प्रोजेक्ट बंद हो गया । सत्यम शर्मा कुछ समय तक निराशा के दौर से गुजरे लेकिन एक दिन उन्होंने संकल्प लिया कि भारत के शीर्ष मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट आईआईएम से एमबीए की डिग्री हासिल करेंगे । दिन रात एक कर कैट क्रैक किया । प्रवेश के प्रस्ताव तो आईआईटी कानपुर, रुड़की, दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स, आईआईएम लखनऊ, रायपुर, नागपुर, अमृतसर, रांची, अमृतसर आदि से मिले लेकिन उन्होंने आईआईएम शिलांग को चुना । सत्यम के अभिभावक जबलपुर बीएसएनएएल के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एवं लेखक लक्ष्मीकांत शर्मा एवं स्मृति शर्मा हैं ।








