राज्य में विकसित ई-मार्ग पोर्टल भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किया गया लागू
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मध्यप्रदेश ग्रामीण सडक़ विकास प्राधिकरण की समीक्षा
भोपाल (आरएनएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश की शत-प्रतिशत बसाहटों को सडक़ों से जोडऩे के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई करें। सभी जिलों में सडक़ों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे सुनिश्चित कर कार्य-योजना बनाई जाए। सडक़ों की आवश्यकता के संबंध में विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों का अभिमत अवश्य लिया जाए। राज्य सरकार अगले तीन वर्ष में सभी बसाहटों को सडक़ों से जोडऩे के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्य प्रदेश ग्रामीण सडक़ विकास प्राधिकरण की बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि, बाढ़ तथा अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और उनके उन्नयन की आवश्यकता के प्रति सतर्क रहते हुए तत्परतापूर्वक कार्यवाही की जाए। सडक़ों के रख-रखाव और नियमित निरीक्षण में मोबाइल एप, जियो टैगिंग तथा एआई टेक्नॉलोजी का उपयोग कर इसे अधिक प्रभावी बनाया जाए। सडक़ों पर वर्तमान यातायात का सर्वे कर उन्नयन और लेन विस्तारीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पाण्डाटोला से बीजाटोला तक देश की पहली सडक़ का निर्माण बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में किया गया है। सडक़ों के संधारण और उन्नयन के लिए भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में प्रदेश, देश में प्रथम रहा है। प्रदेश में मार्गों के संधारण के लिए वर्ष 2015-16 से लागू ई-मार्ग पोर्टल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई तथा केन्द्र सरकार द्वारा इसे सम्पूर्ण देश में नेशनल ई-मार्ग के रूप में लागू किया गया है।बताया गया कि प्रदेश की 89 हजार बसाहटों में से 50 हजार 658 बसाहटों तक रोड़ कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर ली गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना-4 के अंतर्गत बनने वाली 11 हजार 544 बसाहटों के लिए सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष 26 हजार 798 बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि सामान्य संधारण कार्यों का प्राक्कलन तैयार करने और तकनीकी प्रशासकीय स्वीकृति आदि की ऑनलाइन व्यवस्था सम्वेग पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है।








