हैदराबाद (ए.)। तेलंगाना में ध्वस्त एसएलबीसी सुरंग फंसे सात लोगों की तलाश शनिवार को लगातार 22वें दिन भी जारी है। तलाशी अभियान में शनिवार को खास मशीनरी का इस्तेमाल किया गया, जिससे अभियान को गति मिली। मामले में अधिकारियों ने बताया कि अब सुरंग के अंदर फंसे सात लोगों को निकालने के लिए स्वायत्त हाइड्रोलिक-संचालित रोबोट का उपयोग किया जा रहा है, जो मिट्टी और मलबे को तेजी से हटाने में मदद कर रहा है। इसके अलावा, 30 एचपी क्षमता वाला लिक्विड रिंग वैक्यूम पंप और वैक्यूम टैंक मशीन जैसे उपकरण भी सुरंग के भीतर से मलबा हटाने के लिए काम कर रहे हैं।इस अभियान में सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), खनन कंपनियां, और रोबोटिक्स विशेषज्ञ भी शामिल हैं। मिट्टी और मलबे को हटाने के लिए कन्वेयर बेल्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे प्रति घंटे 620 क्यूबिक मीटर मलबा बाहर निकाला जा सकता है। यह अभियान चौबीसों घंटे चल रहा है और सुरंग में पानी निकालने की कोशिश भी की जा रही है।
सात लोगों की तलाश अभी भी जारी
गौरतलब है कि बीते 22 फरवरी को एसएलबीसी परियोजना की सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने के बाद इंजिनियर और मजदूर समेत आठ लोग फंस गए थे। बचाव अभियान शुरू किया गया। इसके बाद 9 मार्च को टीबीएम ऑपरेटर गुरप्रीत सिंह का शव बरामद किया गया था और उनके परिवार को सौंप दिया गया।
इसके अलावा अभी भी सात लोग सुरंग में फंसे हुए हैं, जिनमें मनोज कुमार (उत्तर प्रदेश), सनी सिंह (जम्मू-कश्मीर), गुरप्रीत सिंह (पंजाब), और झारखंड के संदीप साहू, जेगता जेस और अनुज साहू शामिल हैं।








