हास्य व्यंग्य के अनूठे होली विशेषांक का हुआ लोकार्पण

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विचित्र विनोद का होली विशेषांक एक अनूठा विशेषांक जो सांस्कृतिक परम्पराओं को जीवित रखे हुआ है : विश्वास कैलाश सारंग
होली विशेषांक पर लिखित उपाधियों की चर्चा पूरे भोपाल में होती है : वरिष्ठ पत्रकार महेश सक्सेना
भोपाल। विचित्र विनोद होली विशेषांक का लोकार्पण खेल एवं युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वस कैलाश सारंग, वरिष्ठ पत्रकार महेश सक्सेना, वरिष्ठ अधिवक्ता साजिद अली द्वारा 22 विचित्र विलो प्रोफेसर कॉलोनी भोपाल मध्यप्रदेश में किया गया। श्री के.के.सक्सेना (प्रधान सम्पादक) एवं विलक्षण सक्सेना (सम्पादक) द्वारा उपस्थित जनो पर लिखित उपाधी का वाचन किया गया। कार्यक्रम खेल एवं युवा कल्याण व सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग एवं पूर्व सांसद आलोक संजर की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ। विचित्र विनोद के होली विशेषांक लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान श्री सारंग ने कहा कि कोई भी अंक निकालना बडी बात नहीं है उसे वर्षों से निरंतरता प्रकाशित करना बडी बात है, उन्होंने कहा कि विचित्र विनोद का होली विशेषांक ये देश का एक ऐसा विशेषांक है जो भोपाल एवं अपनी संास्कृतिक पम्पराओं को जीवित रखे हुआ है जिसमें स्वर्गीय विचित्र कुमार सिन्हा जी की अहम भूमिका रही है। साथ ही उन्होंने होली विशेषांक की निरंतरता के लिये सम्पादक श्री के.के.सक्सेना एवं उप सम्पादक श्री विलक्षण सक्सेना जी की भूरी भूरी प्रशंसा की। वरिष्ठ पत्रकार महेश सक्सेना जी ने विचित्र विनोद के संस्थापक स्वर्गीय विचित्र कुमार सिन्हा जी की पुरानी यादों को साझा करते हुए कहा कि श्री सिन्हा जी का जब यह विशेषांक प्रकाशित होता था तो उसमें लिखित उपाधियों की चर्चा चौक से लेकर पूरे भोपाल तक की जाती थी। मैं होली विशेषांक का जब पहला अंक प्रकाशित हुआ था जब भी साक्षी रहा हूं आज भी साक्षी हूं। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता साजिद अली जी ने कहा कि होली एक ऐसा पर्व जिसमें न कोई जात पात होती है और ना ही कोई गिला सिकवा आज हम सब एक छत के नीचे एक साथ बैठे हुए है इसी को होली कहते है। विचित्र विनोद के होली विशेषांक की शुरूआत श्री विचित्र कुमार सिन्हा जी द्वारा सन 1973 में की गई थी, जिसे श्री के.के.सक्सेना जी द्वारा निरन्तर प्रकाशित किया जा रहा है, खास बात यह भी है कि अब श्री विचित्र कुमार सिन्हा जी के पोते विलक्षण सक्सेना का भी इस विशेषांक में महत्वपूर्ण योगदान रहता है जो कि विचित्र कुमार सिन्हा जी के विचित्र प्रतिभा के ही स्वरूप है, इस हास्य व्यंग्य के अनूठे विशेषांक में विभिन्न राजनैतिक, साहित्यिक, पत्रकार, एडवोकेट, समाजसेवी, डॉक्टर व देश, प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यक्ति व्यक्तियों पर उपाधी लिखी जाती है। कार्यक्रम में संचालनविलक्षण सक्सेना द्वारा किया गया साथ ही कार्यक्रम में कविता पाठ का भी आयोजन किया गया जिसमें भोपाल के जाने माने कवियों ने भाग लिया। जिन्होंने अपनी कविताओं से सभी का मन मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में आई बी शास्त्री, जी.के. छिब्बर, बी.के.बाथम, डॉ. सैय्यद वाहिद अली, सुरेश गुप्ता, दिनेश जोशी, चन्द्र किशोर सिसोदिया, अतुल खरे, राकेश रावत, राजेश दाहिमा, क्रांतिदीप अलूने, के.के. जोशी, संदीप कपूर, महेश सक्सेना, वात्सायन जैन, सोनू भाभा, अजय श्रीवास्तव, आनंद तारण, गोपाल कृष्ण छिब्बर, के.के.दुबे, रवीन्द्र जैन, प्रहलाद दास मेहता, संजय गुप्ता, संजय सिंह चौहान, अजय सोगानी, कमल जैन श्वेता, रघुवीर तिवारी, एम.के. शर्मा, अशोक मेहता,मंजू मेहता, उर्मिला जुनेजा, विजय जुनेजा राजकुमार वर्मा, उमेश राव घोलप, अशोक सोनी, इन्द्र सिंह राजपूत, राजेश जैन, अरविन्द मित्तल, गोपाल मुखरैया, अनिल जैन, प्रभात जैन, ब्रज किशोर वर्मा, अमित तडैया, संजय मुंगावली, अमिताभ बाजपेयी, दीपक जैन, शैलेन्द्र जैन, निर्भय मीणा, राजेश मोहनियां, संदीप पंडा सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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