बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए खुशखबरी, इस दिन से शुरु होगी अमरनाथ यात्रा; शेड्यूल जारी

Join Us

नई दिल्ली (आरएनएस)। बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए खुशखबरी है, क्योंकि इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा की तिथियों का ऐलान कर दिया गया है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने घोषणा की है कि वार्षिक अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई, 2025 से शुरू होकर 9 अगस्त, 2025 तक चलेगी। यह निर्णय श्राइन बोर्ड की एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया, जिसमें यात्रा को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इस साल, श्रद्धालुओं के लिए रहने, खाने और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की जाएगी, ताकि यात्रा का अनुभव आरामदायक और सुरक्षित हो। पिछले वर्ष की तरह, इस बार भी अमरनाथ यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी। पिछले साल पंजीकरण 17 अप्रैल से शुरू हुए थे और इस वर्ष भी इसी समय के आसपास पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात और मुख्य सचिव अटल ढुल्लू शामिल थे। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया।
यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने बालटाल से पवित्र अमरनाथ गुफा तक रोपवे बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह रोपवे परियोजना, जो देश भर के 18 धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर रोपवे निर्माण के व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा है, श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को काफी आसान बना देगी। वर्तमान में, श्रद्धालु या तो 38 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग से या 13 किलोमीटर कठिन बालटाल मार्ग से पैदल यात्रा करते हैं। रोपवे के निर्माण से यात्रा में लगने वाला समय और कठिनाई काफी कम हो जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित रोपवे 11.6 किलोमीटर लंबा होगा, जो सरकार द्वारा स्वीकृत 18 रोपवे योजनाओं में सबसे बड़ा है। यह रोपवे, पैदल यात्रा, हेलीकॉप्टर, खच्चर और पालकी जैसी पारंपरिक यात्रा विधियों के मुकाबले एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प प्रदान करेगा। अमरनाथ यात्रा से संबंधित अधिक जानकारी और पंजीकरण की तारीखों की घोषणा जल्द ही श्राइन बोर्ड की वेबसाइट और आधिकारिक माध्यमों पर की जाएगी।

Previous articleगुजरात गोधरा कांड : केंद्र सरकार ने 14 गवाहों की हटाई सुरक्षा, सिक्योरिटी में तैनात थे 150 सीआईएसएफ जवान
Next articleगूगल मैप ने लील ली स्टेशन मास्टर की जान, 30 फीट गहरे नाले में गिरने से हुई मौत