देश की प्रमुख इंडस्ट्रीज की वृद्धि दर जनवरी में 4.6 प्रतिशत रही

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नई दिल्ली  – देश की आठ प्रमुख इंडस्ट्रीज के संयुक्त सूचकांक में सालाना आधार पर जनवरी 2025 में 4.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
आंकड़ों के मुताबिक, सीमेंट, रिफाइनरी उत्पादों, कोयला, स्टील, फर्टिलाइजर और इलेक्ट्रिसिटी में साकारात्मक वृद्धि देखी गई है।
इन आठ मुख्य इंडस्ट्री की औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में हिस्सेदारी 40.27 प्रतिशत है।
चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जनवरी की अवधि में आठ प्रमुख इंडस्ट्रीज के संयुक्त सूचकांक की संचयी वृद्धि दर पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 4.4 प्रतिशत पर रही है।
जनवरी में कोयला उत्पादन पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 4.6 प्रतिशत बढ़ गया, जबकि इसका संचयी सूचकांक अप्रैल से जनवरी 2024-25 तक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 6 प्रतिशत बढ़ा है।
पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादन, जिसका सूचकांक में भार 28.04 प्रतिशत है, जनवरी 2025 में जनवरी 2024 की तुलना में 8.3 प्रतिशत बढ़ गया है। इसका संचयी सूचकांक अप्रैल से जनवरी 2024-25 तक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 3.3 प्रतिशत बढ़ गया है।
जनवरी 2025 में फर्टिलाइजर उत्पादन में जनवरी 2024 की तुलना में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई क्योंकि इस वर्ष बेहतर मानसून के कारण रबी की बुआई में तेजी आई है।
स्टील उत्पादन, जिसका सूचकांक में भार 17.92 प्रतिशत है, जनवरी 2025 में जनवरी 2024 की तुलना में 3.7 प्रतिशत बढ़ गया। इसका संचयी सूचकांक अप्रैल से जनवरी 2024-25 तक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 5.9 प्रतिशत बढ़ गया है।
सीमेंट उत्पादन, जिसका सूचकांक में भार 5.37 प्रतिशत है, जनवरी 2025 में जनवरी 2024 की तुलना में 14.5 प्रतिशत बढ़ गया। इसके संचयी सूचकांक में अप्रैल से जनवरी 2024-25 तक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
बिजली उत्पादन, जिसका सूचकांक में भार 19.85 प्रतिशत है, जनवरी 2025 में जनवरी 2024 की तुलना में 1.3 प्रतिशत बढ़ गया, जबकि इसके संचयी सूचकांक में अप्रैल से जनवरी 2024-25 तक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
हालांकि, कच्चे तेल और नेचुरल गैस के उत्पादन में इस महीने कमी दर्ज की गई है।

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