पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू

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-पहले ट्रायल में 10 टन कचरा हो रहा नष्ट
पीथमपुर,(ए)। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के जहरीले कचरे को रामकी एनवायरो फैक्ट्री में जलाने का काम शुरू कर दिया गया है। पहले ट्रायल रन में 10 टन कचरा नष्ट किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अफसर मौके पर मौजूद हैं। इससे पहले पीथमपुर की फैक्ट्री परिसर के अंदर सुरक्षा के लिए स्पेशल आम्र्ड फोर्स (एसएएफ) के 130 जवान तैनात किए गए हैं। वहीं फैक्ट्री परिसर के बाहर डीएसपी रैंक के अधिकारी सुरक्षा संभाले हुए हैं। आसपास के तमाम रास्तों को सील कर दिया गया है, और बिना अनुमति किसी को भी प्रवेश की इजाजत नहीं है। इसके साथ ही पीथमपुर शहर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।इंदौर देहात और धार जिले के 24 थानों के पुलिसकर्मी तैनात हैं। करीब 650 पुलिसकर्मी विभिन्न चौराहों, कॉलोनियों और तारपुरा गांव में गश्त कर रहे हैं। 10 से ज्यादा पुलिस वाहन पूरे शहर में निगरानी कर रहे हैं।
कचरा जलाने की प्रक्रिया
जानकारी अनुसार कचरा जलाने की प्रक्रिया शुक्रवार सुबह 10:30 बजे शुरू की गई है। 850 डिग्री तापमान पर जहरीले कचरे को जलाने का काम किया जा रहा है। पहले इंसीनरेटर को 850 डिग्री सेल्सियस तक कचरे को गर्म किया गया, जिसमें करीब 5 घंटे लगे हैं। इस प्रक्रिया में प्रति घंटे 600 लीटर डीजल की खपत हुई। जब इंसीनरेटर तैयार हो गया, तो कचरे को विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ उसमें डाला गया। इस बीच प्लांट की चिमनी से धुआं नहीं निकलता दिखा, जिससे प्रदूषण पर नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।
यूका के जहरीले कचरे को जलाने की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यावरण विशेषज्ञों में चिंता बनी हुई है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि कचरे को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जा रहा है, जिस पर कोर्ट ने भी मोहर लगा दी है।

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