शून्य से एक नंबर वालों की भी होगी जांच, जानें शिक्षा विभाग का नया फार्मूला
भोपाल(आरएनएस)। मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बार 10वीं-12वीं बोर्ड एग्जाम में मूल्यांकन गड़बडिय़ों को लेकर नई पहल की गई है। अब 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले परीक्षार्थियों का दोबारा मूल्यांकन होगा। शून्य से 1 अंक पाने वाले छात्रों की भी उत्तरपुस्तिका की दोबारा जांच होगी।
एमपी में बोर्ड परीक्षा को लेकर तैयारियां जोरा पर है। शिक्षा विभाग ने इस बार 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए नया फॉर्मूला तैयार किया है। दरअसल, बोर्ड एग्जाम के मूल्यांकन में गड़बडिय़ों को लेकर नई पहल की गई है। मुख्य परीक्षक मूल्यांकन को परखेंगे। अब 90त्न से अधिक अंक पाने वाले परीक्षार्थियों की दोबारा मूल्यांकन होगा।
वहीं शून्य से एक नंबर लाने वाले परीक्षार्थियों की भी उत्तरपुस्तिका की जांच दोबारा की जाएगी। ऐसा इसलिए क्यों कि हर शिक्षण सत्र में गड़बडिय़ों के कई मामले सामने आते हैं। इस बार इससे बचने के लिए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। आपको बता दें कि प्रदेश में 10वीं-12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी से शुरू हो रही है। वहीं पांच मार्च 2025 से मूल्यांकन शुरू होगा। इस बार 30 हजार शिक्षक उत्तरपुस्तिका की जांच करेंगे। सबसे पहले बारहवीं परीक्षा का मूल्यांकन होगा। एक शिक्षक को न्यूनतम 30 और अधिकतम 45 उत्तरपुस्तिका मिलेंगी। रोजाना 08 घंटे तक मूल्यांकन होगा। इस दौरान केंद्रों पर 144 धारा लागू रहेगी।







