वाशिंगटन (आरएनएस)। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मध्य अमेरिकी सहयोगी को पनामा नहर क्षेत्र पर चीन के प्रभाव को तुरंत कम करना चाहिए, नहीं तो अमेरिकी प्रशासन कार्रवाई कर सकता है। यह यूएस के विदेश मंत्री के रूप में रुबियो की पहली विदेश यात्रा है। उनका यह दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा नहर के संचालन का नियंत्रण अमेरिका को वापस देने की मांग सहित पड़ोसी देशों और सहयोगियों पर दबाव बढ़ा दिया है। वहीं पनामा के राष्ट्रपित मुलिनो ने बैठक के बाद कहा कि अमेरिका के विदेश मंत्री रुबियो ने नहर पर फिर से कब्जा करने या बल प्रयोग करने की कोई वास्तविक धमकी नहीं दी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मांग की है कि नहर का नियंत्रण वापस अमेरिका को सौंप दिया जाना चाहिए। रुबियो ने ट्रंप की ओर से मुलिनो से कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह निर्धारित किया है कि नहर क्षेत्र में चीन की उपस्थिति उस संधि का उल्लंघन करती है, जिसके तहत अमेरिका ने 1999 में जलमार्ग को पनामा को सौंपा था। उस संधि में अमेरिकी निर्मित नहर में स्थायी तटस्थता की बात कही गई है। रुबियो की रविवार को बाद में नहर का दौरा करने की योजना है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा, ‘मंत्री रुबियो ने साफ किया कि यह यथास्थिति अस्वीकार्य है। तत्काल परिवर्तन ना किए जाने की स्थिति में अमेरिका को संधि के तहत अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।








