किसान हितैषी और गांवों के विकास व समृद्धि का बजट- राघवेन्द्र सिंह पटेल अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख भारतीय किसान संघ

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सरकार ने देश के समग्र किसानों का बजट में ध्यान रखते हुए किसान हितैषी और गांवों के विकास व समृद्धि का बजट प्रस्तुत किया है। प्रथम विकास का इंजन कृषि को रखकर कृषि से जुड़ी बड़ी ग्रामीण आबादी की चिंता की है। भारतीय किसान संघ ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की मांग की थी जिसे बजट में 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया गया है। इससे देश के सभी किसानों को लाभ होगा और खाद्यान्न उत्पादकता में वृद्धि दर्ज होगी। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना से देश के कम उत्पादकता वाले 100 जिलों में विकासशील जिला कार्यक्रम के क्रियान्वयन से कमजोर जिलों में कृषि रोजगार के अवसरों में वृद्धि से करोड़ों किसानों को लाभ मिलेगा। सरकार ने बजट में मखाना बोर्ड बनाकर मखाने का उत्पादन, मार्केटिंग, प्रोसेसिंग व ब्रांडिंग कर किसानों को लाभ दिलाने की बात कही है। पूर्वोत्तर राज्यों में खाद की कमी को दूर करने सरकार असम में नया यूरिया प्लांट लगाने जा रही है जो स्वागत योग्य कदम है। डेयरी व मछली उत्पादक किसानों के विकास के लिए ऋण योजना, दलहन व कपड़ा में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दलहन व कपास मिशन बनाने का ऐलान सरकार ने बजट में किया है। फल सब्जियों व श्रीअन्न के उत्पादन व लाभकारी मूल्य के लिए राज्यों के सहयोग से व्यापक कार्यक्रम चलाने की बात बजट में शामिल है। गांवों के विकास व किसान हितैषी केंद्रीय बजट का भारतीय किसान संघ स्वागत करता है। बजट में किसान सम्मान निधि न बढ़ने, कृषि आदान सामग्री पर जीएसटी खत्म और जैविक, प्राकृतिक खेती व तिलहन को बढ़ावा देने की योजना न होने से किसानों को निराशा हुई है।

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