चीन से मिले एयरपोर्ट को शान से बता रहा पाकिस्तान, ड्रैगन ने ही कर दी बेइज्जती; कह दी ये बड़ी बात

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बीजिंग (आरएनएस)। चीन द्वारा पाकिस्तान को दिए गए नए ग्वादर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आखिरकार उड़ानें शुरू हो गई हैं। इस अवसर पर जहां पाकिस्तान इसे ‘चीन के साथ दोस्ती’ का प्रतीक बता रहा है, वहीं चीन ने इसे महज एक ‘दान’ करार दिया है। यह हवाई अड्डा, जिसकी आधारशिला मार्च 2019 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने रखी थी, का उद्घाटन मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अक्तूबर 2024 में किया था। चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में स्थित इस हवाई अड्डे पर सोमवार को पहली उड़ान उतरी। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) की एक उड़ान सुबह 11 बजकर 14 मिनट पर यहाँ पहुँची। इस उड़ान का स्वागत रक्षा और उड्डयन मंत्री ख्वाजा आसिफ, बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुग्ती और पाकिस्तान सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस अवसर पर इसे पाकिस्तान और चीन की दोस्ती का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, हमने ग्वादर को मध्य पूर्व और खाड़ी देशों को मध्य और पूर्वी देशों से जोडऩे का एक मील का पत्थर पार कर लिया है।
वहीं, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी   के मुखपत्र माने जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने इसे ‘डोनेशन’ यानी ‘दान’ करार दिया है। उनकी रिपोर्ट के अनुसार, चीन द्वारा अनुदान के रूप में तैयार और वित्तपोषित किए गए नए ग्वादर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संचालन शुरू हो गया है। यह 4स्न ग्रेड का अत्याधुनिक हवाई अड्डा है जो सबसे बड़े नागरिक विमानों को संभालने में सक्षम है। इसमें 3,658 मीटर लंबा और 75 मीटर चौड़ा रनवे है, जिसकी नींव विशेष रूप से तटीय इलाके के अनुरूप डाली गई है। हवाई अड्डे के प्रबंधकों का कहना है कि इससे पाकिस्तान की अन्य देशों के साथ हवाई कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इस प्रकार, एक ओर जहां पाकिस्तान इस हवाई अड्डे को दोनों देशों के बीच संबंधों की मजबूती के रूप में देख रहा है, वहीं चीन इसे महज अपनी ओर से दी गई सहायता के रूप में दर्शा रहा है।

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