अन्न दाता अधिकार रैली एवं वल्लभ भवन का होगा घेराव

Join Us

5 फरवरी को मध्य भारत प्रांत के किसान संघ के किसान करेंगे प्रदर्शन

किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन

नर्मदापुरम। प्रदेश् के किसानों की मांग व समस्याओं को अवगत कराते हुए भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी व सदस्य तंग आ चुके हैं। अधिकारियों की मनमानी के चलते किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है। इसलिए किसानों को मजबूर होकर प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदेश स्तर का प्रदर्शन करना तय हुआ है। किसान नेताओं ने पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को अवगत कराते हुए बताया कि 5 फरवरी को भोपाल में वल्लभ भवन का घेराव किया जाएगा। किसान नेताओं ने बताया कि सरकार को समझ आ जाएागा कि किसान आक्रोषित हैं। भारतीय किसान संघ के संभागीय मीडिया प्रभारी उदय कुमार पांडेय व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि भारतीय किसान संघ मध्य भारत प्रांत के अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान के नेतृत्व में यह आंदोलन होगा। किसानों की समस्याओं व अधिकारों को लेकर यह आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रांतीय उपाध्यक्ष नरेंद्र दोगने, संभागीय संगठन मंत्री दिनेश शर्मा, संभागीय मंत्री देवेंद्र पटेल, संभागीय प्रचार प्रमुख् उदय पांडेय, संभागीय सदस्य शिव मोहन सिंह, जिलाध्यक्ष ओमकार राजपूत, जिला मंत्री शंकर पटेल, संभागीय सह मंत्री मंगल सिंह राजपूत सहित अनेक पदाधिकारी व सदस्य शामिल रहे। संगठन के द्वारा एक ज्ञापन भी दिया गया।

यह हैं प्रमुख मांगे और समस्याएं-

राजस्व के संबंध में फोती नामांतरण, बटवारा सीमांकन, ऑनलाईन रिकॉर्ड एवं नक्शा सुधारा जायें।

बिजली- हॉर्स पॉवर क्षमता वृद्धि वापिस की जाये, जले हुये ट्रांसफारमर एवं लाईने समय सीमा मे बदले जावे, ऑवर लोड ट्रांसफारमरों की क्षमता वृद्धि की जाये, घरेलु एवं कृषि कनेक्शन का मोके पर कुछ नहीं है उनकी जाँच करा कर कनेक्शन एवं बिल राशि समाप्त किये जाये।

कृषि-. डीएपी यूरिया खाद सहकारिता के माध्यम से नगद वितरण समय पर किया जाये।

मण्डी- सभी मण्डीयों मे बडे फ्लेट कॉटे से तुलाई अनिवार्य कि जाये एवं मण्डी परिसर में ही किसानों का भुगतान किया जाये।

पशुपालन-. नकली दूध बनाने वाले एवं बेचने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाये, गाय का दूध गुणवक्ता के आधार पर खरीदा जायेए गौ अभ्यारण बनाये जाये।

सिंचाई- प्रस्तावित एवं स्वीकृत नहरों के कार्य पूर्ण किए जावे।

सभी फसलों को समर्थन मूल्य से नीचे न खरीदा जाये। किसानों पर बने सभी प्रकार के झूठे प्रकरण वापस लिये जावे। पूसा बासमती धान को जीण्आईण् टेग दिलाया जावे। किसान संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपने से पहले नारेबाजी की।

Previous articleस्वाति मालीवाल का आप सरकार पर तंज, बोलीं- दिल्ली में इतने बुरे हालात कभी नहीं देखे
Next articleभागवत कथा से पूर्व निकली कलश यात्रा