बिना उजाला दिए दम तोड रहे सोलर पैनल

Join Us

भोपाल (आरएनएस)। राजधानी में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बड़े तालाब के किनारे लगाए गए सोलर पैनल अब देखरेख के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। 2018 में शुरु की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य वीआइपी रोड पर लगी लाइटों ओर कर्बला स्थित पंप पंप हाउस के लिए बिजली उत्पादन करना था, लेकिन आज यह प्रोजेक्ट अपनी अनदेखी और रखरखाव की कमी के कारण विफलता की कगार पर है। स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट के तहत ढाई करोड़ रुपये की लागत से बड़े तालाब की रिटेनिंग वाल पर 1500 से अधिक सोलर पैनल प्लेट्स लगाई गई थीं। इनकी कुल लंबाई 400 मीटर है ओर प्रत्येक पैनल का वजन 425 से 450 किलोग्राम है। इन पैनल के हर दिन तीन हजार यूनिट बिजली उत्पादन की योजना थी, जिससे सालाना 2.5 करोड़ रुपये की बिजली बनाई जा सकती थी। पांच साल में इस परियोजना की लागत वसूल होने का दावा किया गया था। शुरुआत में इन सोलर पैनल्स की देखरेख की जिम्मेदारी ऊर्जा विकास निगम को सौंपी गई थी, लेकिन पांच साल बाद यह प्रोजेक्ट नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया गया। दुर्भाग्यवश, नगर निगम और स्मार्ट सिटी कंपनी दोनों ने इसकी देखरेख में रुचि नहीं दिखाई।
्रनतीजतन, पैनल की मरम्मत नहीं हुई और वे जगह-जगह से टूटकर तालाब में गिर चुके हैं। तालाब के किनारे लगे इन पैनल्स पर गुटखा और पान की पीक के निशान देखे जा सकते हैं। इन पर जमी धूल और कचरा बिजली उत्पादन में बाधा डाल रहा है। देखरेख और साफ-सफाई की कमी ने इन्हें लगभग निष्क्रिय बना दिया है। इन सोलर पैनल्स से वीआईपी रोड की लाइटें जलाने का वादा किया गया था, लेकिन वर्तमान में सामान्य बिजली के उपयोग से लाइट जल रही है। पांच साल की देखरेख की जिम्मेदारी पूरी करने के बाद ऊर्जा विकास निगम ने यह प्राजेक्ट नगर निगम को हैंडओवर कर दिया, लेकिन नगर निगम और स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कारपोरेशन इसकी मरम्मत और रखरखाव पर ध्यान नहीं दे रहा।

Previous articleचाचा ने की 7 साल की मासूम से दरिंदगी
Next articleआयु की प्रत्येक अवस्था में बेहतर जीवन जीने का प्रमाणिक मार्ग है आयुर्वेद :मुख्यमंत्री डॉ. यादव