भोपाल (आरएनएस)। कांग्रेस संगठन को सशक्त करने के लिए प्रदेश में पंचायत स्तर पर समिति बनाने के साथ ही पार्टी आदिवासी ब्लाक में गैर आदिवासी को भी अध्यक्ष बनाकर काम करने का मौका देगी। दरअसल, आदिवासी विकासखंडों में चाहे पंचायत हो या फिर नगरीय निकाय, अधिकतर पद सुरक्षित रहते हैं। ऐसे में गैर आदिवासी को आगे बढऩे का अवसर नहीं मिल पाता है। इन्हें संगठन में अवसर दिया जाएगा। प्रदेश के 20 आदिवासी बाहुल्य जिले हैं इनमें 88 आदिवासी विकासखंड है। पार्टी ने तय किया है कि इन क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए नए आदिवासी नेतृत्व को तो आगे बढ़ाया ही जाएगा, गैर आदिवासियों की भूमिका भी चिन्हित की जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा का कहना है कि कांग्रेस ही ऐसा दल है, जो सभी वर्गों को साथ में लेकर चलता है। आदिवासी क्षेत्रों में अभी भी कई स्थान ऐसे हैं, जहां गैर आदिवासी संगठन के महत्वपूर्ण पर्वों पर हैं।








