मनी लांड्रिंग के आरोप में बैंक की असिस्टेंट मैनेजर को एक घंटे तक रखा डिजिटल अरेस्ट
भोपाल(ए)। नये शहर के कोलार इलाके में दानिश कुंज में रहने वाली बैंक की असिस्टेंट मैनेजर को सायबर ठगो ने क्राइम ब्रांच दिल्ली का बताकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया। जालसाजो ने उनके दस्तावेज के जरिए मनी लॉड्रिंग के 2 करोड़ 56 लाख रुपए उनके बैंक अकाउंट में आने पर मामला दर्ज होने का डर दिखाया था। मैनेजर की सास ने सूझबूझ दिखाते हुए इसकी सूचना एक रिश्तेदार को दी, जिसके बाद रिश्तेदारों कोलार थाने पहुंचे और सारी बात बताई। कोलार पुलिस तुरंत ही मौके पर पहुंची जिसके बाद नकली क्राइम ब्रांच बने जालसाजो ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया। पुलिस के अनुसार 31 वर्षीय प्रणाली टिकेकर (31) बैंक ऑफ इंडिया में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर हैं। रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे उन्हें अनजान नंबर से फोन आया। दूसरी और से बात करने वाले व्यक्ति ने खुद का परिचय क्राइम ब्रांच दिल्ली के अधिकारी के रुप में देते हुए बताया कि आपके आधार कार्ड, पेन कार्ड व एटीएम कार्ड के जरिए मनी लॉड्रिंग के 2 करोड़ 56 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है। ठगो की बात सुनकर वह परेशान हो गई और अपनी सफाई दी। इस पर जालसाजों ने उन्हें वीडियो कॉल पर आने के लिए कहा। वीडिया कॉल करने पर सामने वर्दी में पुलिस अधिकारी दिखाई दिए। फर्जी अधिकारियो ने उनसे कहा कि आपके बयान दर्ज किए जाना है, किसी प्रकार की कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। आपको डिजिटली अरेस्ट किया गया है, आप घर से बाहर नहीं जा सकतीं।
यह सुनते ही प्रणाली टिकेकर ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। करीब 1 घंटे तक कमरे में बंद रहीं। इस दौरान जालसाजों ने उनके बयान दर्ज किए, और कहा कि बयान कोर्ट में पेश किए जाएंगे। इस बीच इस सारी घटना पर डिजिटल अरेस्ट हुई महिला मैनेजर की सास नजर रखी हुई थी। सारा मामला अजीब लगने पर सास को सायबर जालसाजी का शक हुआ और उन्होनें फौरन ही अपने करीबी रिश्तेदार को घटना की जानकारी दी। इसके बाद करीबी रिश्तेदार और अन्य परिजन फौरन कोलार थाने पहुंचे और पुलिस को सारी बात बताई। सूचना मिलते ही कोलार पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब वीडियो कॉल पर देखा तो स्क्रीन पर वर्दी में नकली पुलिस नजर आई, उनसे बात करने की कोशिश की गई तब उन्होंने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया। पुलिस कॉलिंग नंबर के आधार पर आगे की की जांच कर रही है।







