12 कंटेनर में 250 किलोमीटर का सफर 8 घंटे में तय कर पीथमपुर पहुंचा जहरीला कचरा

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 40 साल पहले 5000 से अधिक मौतों का कारण बनी यूनियन कार्बाइड
इन्दौर (ए)। 40 साल पहले विश्व की भयावह त्रासदी में शुमार भोपाल गैसकांड को अंजाम देने वाली यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पड़ा जहरीला कचरा आखिरकार हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हटाया गया। हाइकोर्ट ने 6 जनवरी तक इस जहरीले कचरे को हटाने के निर्देश दिए थे और सरकार को 3 जनवरी को हाईकोर्ट में इस मामले में अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश करना है। उसके पहले ही सरकार ने कल रात 12 कंटेनरों में भरकर इस जहरीले कचरे को इंदौर बायपास के रास्ते सुबह 5:00 बजे पीथमपुर के आशापुरा गांव स्थित रामकी इन्वाइरो फैक्ट्री में पहुंचा दिया। पांच हजार से अधिक मौतों की जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड के इस जहरीले कचरे से भरे कंटेनरों को भोपाल से पीथमपुर पहुंचाने के लिए ग्रीन कारिडोर बनाया गया था। कंटेनरों के परिवहन हेतु बनाए गए इस ग्रीन कॉरिडोर के कारण कई जगहों पर जाम की स्थिति बनी। 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड में जहरीले कचरे से भरे ये 12 कंटेनर लगभग 8 घंटे में ढाई सौ किलोमीटर का सफर तय करते रात 2:40 बजे इंदौर बायपास से गुजरे और सुबह 5:00 बजे तक पीथमपुर पहुंच गए।

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