मणिपुर में लापता दो लोगों के शव मिले, सेनापति में तनाव; निष्पक्ष जांच की मांग

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तेजपुर (आरएनएस)। मणिपुर में लापता हुए दो लोगों के शव मिलने के बाद सेनापति जिले में तनाव का माहौल बन गया है। दोनों व्यक्ति 28 अक्टूबर को तफौ कुकी गांव से लापता हुए थे। उनकी तलाश में सुरक्षा बलों की ओर से कई दिनों से तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। रविवार, एक नवंबर को बड़े पैमाने पर चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान दोनों के शव बरामद किए गए।मणिपुर पुलिस के अनुसार, दोनों लोगों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद इलाके में अलग-अलग तलाशी अभियान शुरू किए गए थे। इसके लिए मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और असम राइफल्स की संयुक्त टीमें तैनात की गई थीं। पुलिस ने बताया कि अभियान के तहत एक नवंबर को मणिपुर पुलिस, कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन (कोबरा), सीआरपीएफ, असम राइफल्स और त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के जवानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के पूर्व में एसपी रोड के पास स्थित सामान्य क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों को दो शव मिले।पुलिस के मुताबिक, शवों की बरामदगी के बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के उद्देश्य से इलाके में तलाशी और घेराबंदी अभियान जारी रहेगा। इस बीच, दोनों शव मिलने के बाद सेनापति जिले के विभिन्न संगठनों ने घटना के संबंध में सवाल उठाए हैं। नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (एनपीओ) ने पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष कुबा पीटर ने कहा कि किसी भी तरह की हत्या निंदनीय है, चाहे पीडि़त या घटना में शामिल लोगों की पहचान और समुदाय कुछ भी हो। हालांकि, उन्होंने शवों की बरामदगी के समय को लेकर सामने आए अलग-अलग दावों पर चिंता जताई। पीटर के अनुसार, कुछ खबरों में दावा किया गया है कि शव शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे मिले थे, जबकि पुलिस के बयान में कहा गया है कि रविवार को चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान शव बरामद किए गए।
उन्होंने इन विरोधाभासी जानकारियों पर सवाल उठाते हुए घटनाक्रम को स्पष्ट करने की आवश्यकता बताई।
पीटर ने कहा कि संगठन किसी भी हत्या के साथ-साथ साक्ष्यों से छेड़छाड़ और जानबूझकर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिशों की भी कड़ी निंदा करता है। उन्होंने तथ्यों का पता लगाने, जिम्मेदारी तय करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन ने गलत सूचनाओं के प्रसार पर रोक लगाने और ऐसी किसी भी गतिविधि से बचने की अपील की है, जिससे मणिपुर के पहले से संवेदनशील हालात और बिगड़ सकते हैं। दोनों लोगों के लापता होने और बाद में उनके शव मिलने की परिस्थितियों की जांच के बीच इलाके में सुरक्षा बलों का अभियान जारी है।
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