नई दिल्ली,(आरएनएस)। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से प्रतीकात्मक महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के आवास पर आयोजित ‘सडक़ पर संसद’ कार्यक्रम के दौरान ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया। लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस प्रतीकात्मक संसद की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाना जरूरी हो गया है। कार्यक्रम में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस सहित 19 विपक्षी दलों के नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए। कई वामपंथी दलों ने भी इसमें भाग लिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि संविधान के तहत नागरिकों को मिला मतदान का अधिकार खतरे में है। विपक्ष लोकतंत्र और प्रजातंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देश पर निर्वाचन आयोग का संचालन कर रहे हैं। खडग़े के अनुसार, सात महीने पहले भी उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन विपक्ष की ओर से दिए गए नोटिस खारिज कर दिए गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष ने एक बार फिर यह प्रस्ताव लाया है।
खडग़े ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर छह आरोप लगाए। इनमें चुनावों में हेरफेर की साजिश रचने, मतदाता सूची से 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने, संसद की मंजूरी के बिना प्रपत्र-6 में बदलाव करने और ‘ईसीआईनेट’ के माध्यम से मतदाता सूचियों पर नियंत्रण स्थापित करने जैसे आरोप शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों को दरकिनार कर कई फैसले लिए।
खडग़े ने कहा कि विपक्ष की मुख्य चुनाव आयुक्त से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार पर सत्ता में बने रहने के लिए चुनावी बॉण्ड, सांसदों की खरीद-फरोख्त और अब मताधिकार से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप लगाए। खडग़े ने यह भी आरोप लगाया कि 145 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर एक विधेयक पारित कराया गया और देशहित से जुड़े मुद्दे उठाने वाले सांसदों को संसद से बाहर कर दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मतदाता सूची से ऐसे लोगों के नाम अनुचित तरीके से हटाए जाने के मामले सामने आए हैं, जिन्हें मतदान का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब इस संबंध में सवाल उठाए जाते हैं, तो नाम हटाने के कारणों को लेकर पारदर्शिता नहीं दिखाई देती और न ही जवाबदेही तय होती है। इसी वजह से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाने का निर्णय किया गया।
कार्यक्रम में राजनीतिक दलों के अलावा सामाजिक समूहों, छात्र संगठनों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से प्रभावित लोगों ने भी हिस्सा लिया। विभिन्न दलों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण तथा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को आयोजित किया जाना था, लेकिन बारिश के कारण इसे रद्द कर दिया गया था। बाद में इसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के आवास पर आयोजित किया गया।








