प.बंगाल के आसनसोल में एक फैक्ट्री में निर्माणाधीन चिमनी गिरने से चार मजदूरों की मौत

Join Us

आसनसोल  (आरएनएस)। कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान भगदड़ से हुई मौतों के दुख के बीच आसनसोल में भी त्योहारों पर उदासी छा गई. सप्तमी की रात जमुरिया में एक प्राइवेट स्पंज आयरन फैक्ट्री में बन रही चिमनी गिरने से चार मजदूरों की मौत हो गई जबकि एक और मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया.
चिमनी गिरने की वजह का पता लगाने और यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है कि कंस्ट्रक्शन के दौरान सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं. हादसे के बाद लोकल लोगों और कुछ मजदूरों ने फैक्ट्री परिसर में अपना गुस्सा दिखाया.
सूत्रों के मुताबिक जब पुलिस ने हालात को काबू में करने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हाथापाई हो गई.
लोकल सूत्रों की रिपोर्ट है कि जमुरिया में एक सेल फैक्ट्री में चिमनी बनाने का काम चल रहा था. सप्तमी की रात कई मजदूर ड्यूटी पर थे, तभी चिमनी अचानक गिर गई, जिससे मजदूर मलबे के नीचे दब गए. जोरदार धमाके की आवाज सुनकर फैक्ट्री के दूसरे कर्मचारी मौके पर पहुँचे और शुरुआती बचाव का काम शुरू किया. इसके बाद पुलिस फायर डिपार्टमेंट और डिजास्टर रिस्पॉन्स टीमें मौके पर पहुँची.
बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे से पांच मजदूरों को निकालकर हॉस्पिटल ले जाया गया. डॉक्टरों ने उनमें से चार को मृत घोषित कर दिया, जबकि पांचवें मजदूर को गंभीर चोटें आई जिसे दुर्गापुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.
मरने वालों में से दो की पहचान सुकांत पाल और बलराम मंडल के तौर पर हुई है. दोनों कथित तौर पर जमुरिया के रहने वाले थे. उनके साथियों के मुताबिक तीसरा पीडि़त असम का था, जबकि चौथे मजदूर की पहचान अभी नहीं हो पाई है. जैसे ही हादसे की खबर फैली, पीडि़तों के परिवार वाले और कई लोकल लोग फैक्ट्री के सामने जमा हो गए.
इस घटना ने फैक्ट्री में मौजूद सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह जांच करने की मांग की गई है कि कंस्ट्रक्शन के दौरान मजदूरों के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय किए गए थे या नहीं, और चिमनी का स्ट्रक्चर बनाते समय तय टेक्निकल स्टैंडर्ड का पालन किया गया था या नहीं. हालांकि, चिमनी गिरने का सही कारण अभी साफ नहीं है.
खबर मिलने पर जमुरिया के विधायक बिजन मुखर्जी और आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस कमिश्नर प्रणब कुमार उसी रात मौके पर पहुंचे. विधायक ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है. जांच में यह भी पता चलेगा कि कंस्ट्रक्शन के काम के दौरान सेफ्टी प्रोटोकॉल को लेकर कोई लापरवाही तो नहीं हुई. उन्होंने कहा कि मरने वाले मजदूरों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा देने और घायलों को सही मेडिकल इलाज देने के बारे में फैक्ट्री अधिकारियों से बात की जाएगी.
जमुरिया पुलिस ने भी घटना की जांच शुरू कर दी है. जमुरिया स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि कंस्ट्रक्शन का इंचार्ज कौन था, चिमनी बनाने के दौरान जरूरी सावधानियां बरती गई या नहीं, और मजदूरों की सेफ्टी पक्का करने के लिए क्या कदम उठाए गए थे. अभी तक फैक्ट्री अधिकारियों ने हादसे के बारे में कोई डिटेल में बयान नहीं दिया है.
इस बीच हादसे से फैक्ट्री परिसर में गुस्सा फैल गया. कुछ स्थानीय लोगों और मजदूरों ने विरोध करना शुरू कर दिया. आरोप है कि जैसे-जैसे हालात तनावपूर्ण होते गए, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हाथापाई शुरू हो गई.
००

Previous article दिल्ली में ई-रिक्शा का पंजीयन जरूरी होगा, 2.5 लाख से ज्यादा नहीं चलेंगे; मसौदा नीति जारी
Next articleपीएम मोदी के मार्गदर्शन में सरकार ने नारीशक्ति को बनाया यूपी की प्रगति का सक्रिय भागीदार : सीएम योगी