कोलकाता दुर्गा पूजा हादसे पर बड़ा एक्शन, 7 लोग गिरफ्तार, हाईकोर्ट के मौजूदा जज करेंगे जांच

Join Us

कोलकाता  (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान इलाके में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। सप्तमी की संध्या पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल पहुंचे थे। भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था नाकाफी साबित होने के कारण हालात बिगड़ गए और भगदड़ मच गई। हादसे के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब तक इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
उत्तर कोलकाता के चोरबागान स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। भीड़ बढऩे के साथ ही वहां अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। इसी दौरान भगदड़ मचने से 19 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
हादसे के बाद पूजा पंडाल में भीड़ प्रबंधन, प्रवेश और निकास मार्गों की व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई थी या नहीं और किन परिस्थितियों में स्थिति बेकाबू हुई।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी रात में ही घटनास्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, वह कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर अनुरोध करेंगे कि मामले की जांच उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी या अध्यक्षता में कराई जाए।
जांच के माध्यम से भगदड़ के कारणों, आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
चोरबागान भगदड़ मामले में पुलिस ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पंडाल में उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
हादसे के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। घायलों के उपचार और उनके शीघ्र स्वस्थ होने को लेकर भी सरकार ने चिंता जताई है।
इस दर्दनाक घटना ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, सुरक्षा संबंधी क्या कमियां थीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

Previous articleग्रेटर नोएडा में पांच मौतों के मामले में नया मोड़, मृतक के कथित वॉइस नोट से खुलासे की उम्मीद
Next article पंडाल गिर जाएगा, कृपया बाहर निकल जाएं, इस घोषणा के बाद मची भगदड़