मुंबई, (आरएनएस)। बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान के भांजे और अभिनेता इमरान खान की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। मुंबई के ऐतिहासिक अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाया है। पुलिस ने इमरान खान को इमिग्रेशन एक्ट के तहत 28 अक्टूबर तक भारत छोडऩे का औपचारिक ‘लीव इंडिया’ नोटिस जारी कर दिया है। अभिनेता ने इस कानूनी नोटिस की प्रति भी प्राप्त कर ली है।
अमेरिकी नागरिकता और ओसीआई कार्डधारक होने के बावजूद प्रदर्शन में हुए थे शामिल
यह पूरी कार्रवाई इमरान खान की नागरिकता और भारत के आव्रजन नियमों के उल्लंघन से जुड़ी है। दरअसल, इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं; उनका जन्म अमेरिका के विस्कॉन्सिन में हुआ था और उनके पास अमेरिकी नागरिकता व अमेरिकी पासपोर्ट है। भारत में वह ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्डधारक के तौर पर रह रहे हैं। नियमों के मुताबिक, विदेशी नागरिक अथवा ओसीआई कार्डधारक भारत में किसी भी प्रकार की घरेलू राजनीतिक गतिविधि या सरकार विरोधी प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से भाग नहीं ले सकते। इमरान खान अपनी पार्टनर लेखा वॉशिंगटन और कजिन जैन मैरी खान के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जहां से पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था।
पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने की थी शिकायत, गृह मंत्रालय से एलओसी की उठाई थी मांग
इमरान खान के इस प्रदर्शन में शामिल होने के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद गहरा गया था। पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय और आव्रजन विभाग को औपचारिक शिकायत भेजी थी सोमैया ने सवाल उठाया था कि अमेरिकी पासपोर्ट धारक होने के बावजूद इमरान भारत के आंतरिक व राजनीतिक मामलों से जुड़े प्रदर्शनों में कैसे हिस्सा ले सकते हैं। उन्होंने अभिनेता के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी करने और विदेशी नागरिक द्वारा वीजा व ओसीआई नियमों के उल्लंघन पर त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की मांग की थी।
इमिग्रेशन एक्ट के तहत कार्रवाई, 28 अक्टूबर की समय-सीमा तय
शिकायत और जांच के आधार पर मुंबई पुलिस ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय व इमिग्रेशन एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत कदम उठाते हुए अभिनेता को भारत छोडऩे की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर तय कर दी है। तय समय-सीमा के भीतर देश न छोडऩे पर उनके खिलाफ प्रत्यर्पण और वीजा रद्दीकरण जैसी आगे की कठोर कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जा सकती हैं।








