भोपाल (ए.)। त्विषा शर्मा की मौत से जुड़े चर्चित मामले में बचाव पक्ष ने जेल में आरोपियों से मुलाकात के लिए निर्धारित 20 मिनट की अवधि बढ़ाने की मांग उठाई है। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं का कहना है कि मामले से जुड़े तथ्यों, दस्तावेजों और कानूनी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करने के लिए मौजूदा समय पर्याप्त नहीं है। इस संबंध में भोपाल की अदालत में आवेदन पेश किया गया है। हालांकि, अदालत की ओर से इस मांग पर फिलहाल कोई आदेश नहीं दिया गया है।
कानूनी चर्चा के लिए अधिक समय चाह रहा बचाव पक्ष
मामले में आरोपी सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे, त्विषा शर्मा के पति अधिवक्ता समर्थ सिंह की ओर से पैरवी कर रहे वकीलों ने जेल में मुलाकात की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है। बचाव पक्ष के अनुसार, मामले की गंभीरता और उससे जुड़े कानूनी मुद्दों को देखते हुए आरोपियों से विस्तृत बातचीत जरूरी है। निर्धारित 20 मिनट में सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर प्रभावी कानूनी तैयारी करना कठिन हो रहा है।
अब इस आवेदन पर अदालत के निर्णय का इंतजार है। मुलाकात के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग पर अगला कदम क्या होगा, यह न्यायालय के रुख से स्पष्ट होगा।
सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरण याचिका पर सुनवाई
इस मामले में 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में भी महत्वपूर्ण सुनवाई प्रस्तावित है। त्विषा के पिता की ओर से दायर याचिका में मामले को दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की गई है। शीर्ष अदालत में होने वाली सुनवाई से इस प्रकरण की आगे की न्यायिक प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर भी नजर
इसी दिन जबलपुर हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर भी सुनवाई प्रस्तावित है। इस कार्यवाही पर मामले से जुड़े पक्षों की निगाहें टिकी हैं। हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान जमानत संबंधी पक्षों पर विचार किया जाएगा। फिलहाल, मामले में जेल में मुलाकात का समय बढ़ाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरण याचिका और हाईकोर्ट में जमानत की कार्यवाही प्रमुख कानूनी मुद्दे बने हुए हैं। 16 अक्टूबर को होने वाली दोनों सुनवाइयां इस प्रकरण के आगामी घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगी।








