नई दिल्ली ,(आरएनएस)। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर आज किसी भी देश की अंतरराष्ट्रीय छवि गढऩे में ट्रैवल व्लॉगर्स अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन जब जानबूझकर किसी विशाल देश का केवल एक ही नकारात्मक पहलू दुनिया के सामने परोसा जाए, तो उसकी जमीनी हकीकत धुंधली हो जाती है। दूसरी बार भारत यात्रा पर आए ब्रिटिश टूरिस्ट रिचर्ड ला रुइना ने इंटरनेट पर भारत को लेकर फैलाई जा रही नकारात्मकता पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स सिर्फ व्यूज बटोरने के लिए भारत की गंदगी और बदहाल इलाकों को ही कैमरे में कैद करते हैं, जबकि असल भारत इससे कोसों दूर और बेहद खूबसूरत है।
व्यूज के लिए भारत की एकतरफा और नस्लभेदी तस्वीर पेश कर रहे व्लॉगर्स
रिचर्ड ला रुइना ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में कंटेंट क्रिएटर्स की कार्यशैली पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सोशल मीडिया पर भारत से जुड़े ज्यादातर वीडियो निराशाजनक और कई बार नस्लभेदी मानसिकता से भरे होते हैं। कई व्लॉगर्स भारत आते ही सबसे गंदी बस्तियों, टूटी सडक़ों और अस्वच्छ स्ट्रीट फूड की तलाश में जुट जाते हैं ताकि सनसनीखेज वीडियो बनाकर लाखों व्यूज बटोरे जा सकें। रिचर्ड का कहना है कि हर देश में कमियां और नागरिक समस्याएं होती हैं और उन पर बात होनी चाहिए, लेकिन किसी विशाल और विविध राष्ट्र की पहचान सिर्फ उसकी समस्याओं तक सीमित कर देना सरासर अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि इंटरनेट की जनता भी ऐसी अधूरी और चुनिंदा तस्वीरों पर इतनी आसानी से भरोसा कैसे कर लेती है।
असल भारत का अनुभव: ‘शानदार मेहमाननवाजी और सुरक्षित माहौल’
अपने खुद के यात्रा अनुभव साझा करते हुए ब्रिटिश सैलानी ने बताया कि भारत आकर जो उन्होंने महसूस किया, वह इंटरनेट पर गढ़ी गई छवि से बिल्कुल उलट था। उन्होंने अपने साथियों के साथ कई ऐतिहासिक व खूबसूरत जगहों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से संवाद साधा। रिचर्ड ने कहा कि उन्हें यहां के लोगों से जो अपनापन, गर्मजोशी और सम्मान मिला, वह दुनिया भर में उनकी सबसे बेहतरीन यात्राओं में से एक है। उन्होंने भारतीय परंपरा ‘अतिथि देवो भव:’ का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में मेहमान को वाकई भगवान की तरह सम्मान दिया जाता है। इसके अलावा, उन्होंने अपने प्रवास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और वातावरण को भी बेहद सहज और सुरक्षित पाया।‘दुनिया के कई देश एक जैसे लगते हैं, लेकिन भारत हर मोड़ पर चौंकाता है’रिचर्ड के मुताबिक, एक लंबा सफर तय करने के बाद दुनिया के अधिकांश देश लगभग एक जैसे नजर आने लगते हैं, लेकिन भारत अपनी अनूठी विविधता के कारण सबसे जुदा खड़ा है। यहां हर कुछ किलोमीटर पर भाषा, खानपान, संस्कृति और रहन-सहन का तरीका बदल जाता है। यही विविधता और लोगों का भावनात्मक जुड़ाव किसी भी यात्री के लिए यादगार बन जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऑनलाइन नकारात्मकता के दौर में भारत की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और आतिथ्य सत्कार जैसे सकारात्मक पहलुओं को वैश्विक मंच पर सामने लाना बेहद जरूरी है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल, भारतीयों और विदेशियों ने की तारीफ
रिचर्ड का यह पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और यूजर्स ने उनके संतुलित नजरिए का खुलकर समर्थन किया। कई विदेशी यात्रियों ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि जिसने भारत की यात्रा नहीं की, वह दुनिया को पूरी तरह नहीं समझ सकता। वहीं, भारतीय यूजर्स ने भी माना कि कई बार एक विदेशी मेहमान हमारे अपने देश की खूबसूरती को उस नजरिए से देखने की प्रेरणा दे जाता है, जिसे हम अपनी व्यस्त दिनचर्या में अक्सर भूल जाते हैं।








