नई दिल्ली, (आरएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं सांसद रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश संसद, लोकतंत्र और जवाबदेही से चलेगा, सडक़ पर अराजकता से नहीं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों में दिल्ली में जिस तरह से विरोध-प्रदर्शन किए गए, उससे साफ है कि विपक्ष अपनी राजनीतिक हार के कारण सडक़ों पर प्रदर्शन को हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन के अधिकार के खिलाफ नहीं है लेकिन प्रदर्शन को हथियार नहीं बनाना चाहिए।रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि हालिया चुनावी नतीजों में असम में भाजपा की जीत, नंदीग्राम में पार्टी की सफलता और पुडुचेरी में एनडीए की जीत ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि 70 प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक मतदाताओं वाले एक क्षेत्र में भी भाजपा 70 हजार से अधिक मतों से जीती है। उनके मुताबिक, ये नतीजे ऐसे समय आए हैं, जब दिल्ली में विपक्षी दल प्रदर्शन के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने में जुटे हैं।उन्होंने कहा कि पहले राहुल गांधी प्रदर्शन में शामिल हुए, फिर आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेता सामने आए। इसके बाद ममता बनर्जी और वामपंथी दलों के नेताओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। प्रसाद ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए सडक़ के प्रदर्शन को राजनीतिक हथियार बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाया है और विपक्ष को उसका सम्मान करना चाहिए।रविशंकर प्रसाद ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद विपक्ष ने ईवीएम पर सवाल उठाने शुरू किए। उनके अनुसार, जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो ईवीएम सही होती है लेकिन भाजपा की जीत पर उसी व्यवस्था पर सवाल उठाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि देश में नौ से अधिक बार एसआईआर की प्रक्रिया हो चुकी है और इसका प्रावधान कानून में है। प्रसाद ने कहा कि मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में नहीं रहने चाहिए, दूसरे क्षेत्र में स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों के नामों की जांच होनी चाहिए और एक व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में नहीं होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो भारतीय नागरिक नहीं हैं, क्या उन्हें मतदाता सूची में शामिल किया जाना चाहिए?
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्ष के नेता की ओर से दिए गए बयान पर भी सवाल उठे हैं। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति के कार्यालय की ओर से भी राहुल गांधी की कही गई बातों को गलत बताया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत कोई ‘बनाना रिपब्लिक’ नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न झुका है और न कभी झुकेगा। देश के हित में फैसले लिए जाएंगे और किसी की मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी, चाहे वह विदेशी हो या भारतीय।
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी से आपातकाल का मुद्दा उठाने से पहले कांग्रेस के इतिहास को याद करने को कहा। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल का इतिहास देश जानता है। उनके मुताबिक, उस समय अपनी राजनीतिक स्थिति बचाने के लिए आपातकाल लगाया गया था और वामपंथी दलों ने भी उसका समर्थन किया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आपातकाल के खिलाफ संघर्ष किया था इसलिए राहुल गांधी को आपातकाल के मुद्दे पर उपदेश देने से पहले उस दौर के इतिहास को याद करना चाहिए।








