नई दिल्ली (आरएनएस)। अभिनेता राजपाल यादव 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस मामले में 5 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता द्वारा पिछली सुनवाई में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने राजपाल यादव को भुगतान के लिए अंतिम मौका देते हुए तय समय सीमा के भीतर राशि जमा करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।
इस मामले में 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए राजपाल यादव को जेल से रिहा करने का आदेश दिया था और उन्हें 5 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश दिया था। अदालत के निर्देश के बाद उन्हें निर्धारित अवधि में राशि जमा करनी थी। हालांकि, 5 अक्टूबर की सुनवाई में अदालत के समक्ष यह बात सामने आई कि अभिनेता ने निर्देश के मुताबिक भुगतान नहीं किया। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से पेश वकील ने 5 करोड़ रुपये जमा कराने के बजाय केवल 50 लाख रुपये के मांग-पत्र की छायाप्रति अदालत के सामने रखी इस पर अदालत ने आपत्ति जताते हुए भुगतान संबंधी निर्देशों के पालन में गंभीरता बरतने की बात कही।
न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब अदालत की ओर से भुगतान का स्पष्ट निर्देश दिया गया है तो उसका गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए। अदालत ने अभिनेता के रवैये पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, इस अहंकार को उसकी सही जगह पर रखना होगा। आपको पता होना चाहिए कि कब बोलना है। तुम्हारी जगह जेल में है।
राजपाल यादव के वकील ने दलील दी कि बैंक तीन-चार दिनों तक बंद थे, जिसके कारण भुगतान नहीं हो सका। इस पर अदालत ने कहा कि अभिनेता को भुगतान के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था और अब वह समय समाप्त हो चुका है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बैंक बंद होने का तर्क निर्धारित समय सीमा का पालन न करने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को भुगतान पूरा करने के लिए अगली समय सीमा तक का अंतिम अवसर दिया है। अदालत के निर्देश के अनुसार अभिनेता को तय अवधि के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को निर्धारित की गई है, जिसमें अदालत भुगतान संबंधी स्थिति की समीक्षा कर सकती है।








