हमलावर पर पहले ही था उड़ान प्रतिबंध, कट्टरपंथी विचारों से था प्रभावित

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नई दिल्ली ,(आरएनएस)। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले ओमानी सह-पायलट की पहचान हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है। घटना की जांच के बीच सामने आया है कि अल-हम्मामी को कथित तौर पर उसके वैचारिक रुझानों को लेकर पहले ही ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। इसके बावजूद वह बाद में फ्लाईदुबई में नौकरी पाने में कामयाब रहा और दुबई-तेल अवीव मार्ग पर उड़ान भर रहा था। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने जांच से परिचित लोगों के हवाले से यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ओमानी अधिकारियों ने अल-हम्मामी को सुरक्षा जोखिम के तौर पर चिन्हित किया था और उसके कट्टरपंथी विचारों को लेकर उस पर उड़ान संबंधी प्रतिबंध लगाया गया था। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ओमान ने उसकी पृष्ठभूमि और सुरक्षा संबंधी चिंताओं की जानकारी अन्य देशों या एयरलाइंस के साथ साझा की थी या नहीं। ओमान और फ्लाईदुबई की ओर से इस मामले पर सार्वजनिक तौर पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 170 से अधिक यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में पहुंचने के बाद कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। आरोप है कि सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। हमले के बावजूद घायल कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद कुछ यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर सह-पायलट को काबू किया। इस दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे आया और उड़ान के आंकड़ों के अनुसार कुछ ही समय में करीब 16 हजार फीट की ऊंचाई गंवा दी। बाद में दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान को संभालने में मदद की और विमान को सऊदी अरब के तबुक ले जाकर सुरक्षित उतारा गया। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि सह-पायलट का मकसद क्या था और क्या उसने अकेले ही विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इजराइली अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि वह विमान को दुर्घटनाग्रस्त करना चाहता था। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। इस घटना के बाद विमान की सुरक्षा व्यवस्था और सह-पायलट की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। खासतौर पर यह जांच का विषय है कि ओमान में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद अल-हम्मामी को फ्लाईदुबई में नियुक्ति कैसे मिली और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए उसकी सुरक्षा जांच किस तरह हुई। यूएई इस मामले की जांच कर रहा है, जबकि सऊदी अरब और इजराइल की एजेंसियां भी घटना से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका अहम रही, जिन्होंने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान को बचाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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