नई दिल्ली (आरएनएस)। दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण बढऩे से पहले सरकार ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए नए कदम लागू किए हैं। इसके तहत ‘नो पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, नो फ्यूल’ नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है। अब वैध पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट के बिना पेट्रोल पंप पर वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा।
इस नियम को लागू करने के लिए दिल्ली के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक सिस्टम लगाया गया है। इन पेट्रोल पंपों पर कैमरे लगाए गए हैं, जो परिवहन विभाग के डेटाबेस से जुड़े हैं। सिस्टम वाहन का नंबर स्कैन कर यह पता करता है कि उसका क्कष्ट सर्टिफिकेट वैध है या नहीं।
बिना वैध क्कष्ट वाली गाड़ी के पेट्रोल पंप पर पहुंचते ही सिस्टम उसका नंबर पहचान लेता है। इसके बाद ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट के जरिए वाहन मालिक को बताया जाता है कि गाड़ी के पास वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है। ऐसे वाहन को तत्काल ईंधन देने से रोक दिया जाता है। यानी पेट्रोल या डीजल भरवाने से पहले वाहन मालिक को पीयूसी बनवाना होगा।
पेट्रोल पंप पर ही बन सकेगा पीयूसी
सरकार ने वाहन मालिकों की सुविधा के लिए कई पेट्रोल पंपों पर पीयूसी बनवाने के कियोस्क भी लगाए हैं। अगर किसी वाहन का पीयूसी वैध नहीं है, तो वाहन मालिक वहीं प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवा सकता है। पीयूसी बनने के बाद वाहन में ईंधन भरवाने की अनुमति दी जा सकती है। इससे वाहन मालिक को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अलग जगह जाने की जरूरत नहीं होगी।








