नई दिल्ली, 21 सितंबर (आरएनएस)। देशभर में 23 सितंबर को 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस का विषय स्वास्थ्यवर्धक भविष्य के लिए आयुर्वेद रखा गया है। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर अब तक 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 9,700 से अधिक गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं। इन गतिविधियों में 36 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण कराया है, जबकि करीब 89.3 लाख नागरिकों ने आयुर्वेद के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। यह आयुर्वेद दिवस को लेकर देशभर में व्यापक जनभागीदारी को दर्शाता है।
आयुर्वेद दिवस 2026 की माइक्रोसाइट ड्ड4ह्वह्म्1द्गस्रड्डस्रड्ड4.शह्म्द्द.द्बठ्ठ को राष्ट्रव्यापी आयोजनों के लिए डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया गया है। इसके माध्यम से नागरिक विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी कर सकते हैं, पंजीकरण करा सकते हैं और कार्यक्रमों की जानकारी एवं रिपोर्ट साझा कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न आयोजनों में हिस्सा लिया है। इससे आयुर्वेद दिवस के राष्ट्रव्यापी आयोजन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की व्यापक सहभागिता सामने आई है।
जागरूकता से लेकर स्वास्थ्य शिविर तक आयोजन
आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें आयुर्वेद जागरूकता कार्यक्रम, सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियां, जनसंपर्क कार्यक्रम तथा आयुर्वेद स्वास्थ्य एवं कल्याण शिविर प्रमुख हैं।
इसके अलावा औषधीय पौधों के वृक्षारोपण एवं संरक्षण अभियान, स्कूलों और महाविद्यालयों में आयुर्वेद जागरूकता कार्यक्रम, युवाओं की सहभागिता से जुड़ी पहल, आयुर्वेदिक आहार एवं स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देने वाले अभियान, नागरिक प्रतिज्ञा अभियान और आयुर्वेद प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया जा रहा है।
इन पहलों के माध्यम से नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, समुदायों और विभिन्न संगठनों को एक मंच पर लाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आयुर्वेद से संबंधित जागरूकता बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य एवं जनभागीदारी से जुड़ी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना है।
10 देशों में भी आयोजित हुईं गतिविधियां
11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अब तक 10 देशों में आयोजित कार्यक्रमों में 1,900 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है।
इन देशों और क्षेत्रों में ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र, यूनाइटेड किंगडम, अफगानिस्तान, बुल्गारिया, स्पेन, अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, आइसलैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही यह भागीदारी आयुर्वेद दिवस की बढ़ती पहुंच को दर्शाती है। साथ ही, भारत से बाहर भी विभिन्न समुदायों, संस्थानों और संगठनों की ओर से आयुर्वेद जागरूकता, स्वास्थ्य और जनसहभागिता से जुड़ी गतिविधियों में भाग लिया जा रहा है।








