पहली अक्टूबर को महिलाओं के मोबाइल पर सम्मान राशि की ‘टूं-टूं’ फिर सुनाई देगी : सीएम मान

Join Us

दलित महिलाओं को 1,000 रुपये के वादे से 500 रुपये अधिक, 1,500 रुपये प्रति माह दे रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
750 किसानों की मौत के लिए जिम्मेदार भाजपा पंजाब आकर वोट कैसे मांग सकती है? मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमने भूजल स्तर को ऊपर उठाकर पंजाब के रेगिस्तान बनने की भविष्यवाणी को गलत साबित किया है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
भ्रष्टाचार के सभी दरवाजे बंद करके लोगों का पैसा जनकल्याण के लिए खर्च किया जा रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संगरूर के बालियां में ‘लोक मिलनी’ को संबोधित किया
संगरूर ,20 सितंबर ,(आरएनएस)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि उनकी सरकार महिलाओं और आम परिवारों को सीधे लाभ पहुंचा रही है, जबकि लोगों के पैसे का इस्तेमाल पंजाब के विकास के लिए किया जा रहा है। बालियां में एक ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहली अक्टूबर को महिलाओं के फोन पर सम्मान राशि पहुंचने की ‘टूं-टूं’ की आवाज फिर सुनाई देगी। इसमें दलित महिलाओं से किए गए 1,000 रुपये के वादे के मुकाबले 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
पंजाब में वोट मांगने आई भाजपा पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि 750 किसानों की मौत के बाद भाजपा लोगों का समर्थन कैसे मांग सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने भूजल स्तर को ऊपर उठाकर पंजाब के रेगिस्तान बनने की भविष्यवाणी को गलत साबित कर दिया है और भ्रष्टाचार के सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं।
‘लोक मिलनी’ के दौरान विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने शासन का रुख आम नागरिकों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और विद्यार्थियों के कल्याण की ओर मोड़ा है। उन्होंने कहा, पंजाब ने दशकों तक कुछ गिने-चुने परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती राजनीति देखी है। आज आम लोगों ने जवाबदेही और विकास की मांग करनी शुरू कर दी है और यह ऐसी बात है जिसे दशकों तक पंजाब पर शासन करने वाली राजनीतिक पार्टियों के लिए पचा पाना मुश्किल हो रहा है। विपक्ष मुख्य रूप से हमारी सरकार और हमारे जनहितैषी प्रयासों के विरोध के कारण एकजुट है।
उन्होंने कहा, वही अकाली, जो कभी भाजपा को किसान विरोधी कहते थे और बार-बार पार्टी की आलोचना करते थे, आज उसका समर्थन मांग रहे हैं। यह दर्शाता है कि राजनीतिक परिस्थितियां कैसे बदल सकती हैं, जब सत्ता हासिल करना ही एकमात्र उद्देश्य हो। जिन्होंने पहले एक-दूसरे के खिलाफ कड़े बयान दिए थे, वे अब सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, पंजाब के लोगों को सब कुछ याद है। वे जानते हैं कि किसने कब और क्या कहा। पंजाब ने अतीत में वह देखा है, जिसे मैं दो अलग-अलग राजनीतिक पहलू कहता हूं—एक कांग्रेस का और दूसरा अकालियों का। दोनों पार्टियों ने राजनीतिक हितों के लिए लोगों को बांटा। अपने सार्वजनिक मतभेदों के बावजूद वे अपने राजनीतिक और निजी हितों के माध्यम से जुड़े रहे और लोगों को बड़े स्तर पर गुमराह करते रहे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, हमारी राजनीतिक बहस अब स्कूलों, अस्पतालों, रोजगार, बिजली, सिंचाई, सडक़ों, खेल बुनियादी ढांचे और हमारे युवाओं के लिए अवसरों के बारे में होनी चाहिए। पंजाब को ऐसी राजनीति की जरूरत है जो आम परिवारों को प्रभावित करने वाले मुद्दों के बारे में बात करे।
मुख्यमंत्री ने कहा, रोजगार पैदा करना हमारी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। लगभग 71,000 सरकारी नौकरियां केवल योग्यता के आधार पर दी गई हैं। कोई भी व्यक्ति मेरी ओर उंगली उठाकर यह नहीं कह सकता कि सरकारी नौकरी देने के लिए पैसे लिए गए थे। पूरी भर्ती योग्यता के आधार पर की गई है।
उन्होंने आगे कहा, रोजगार उपलब्ध कराने का उद्देश्य केवल नौकरी देना ही नहीं है। यह युवाओं को सम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और अपने परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने का अवसर देने के बारे में है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, हमने 2022 में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली का ऐलान किया था और यह योजना घरों को काफी राहत प्रदान कर रही है। सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल नागरिकों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और राज्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पंजाब के अपने बिजली ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। लहरा मोहब्बत में गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल पावर प्लांट पंजाब के बिजली बुनियादी ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, हम लोगों के पैसे का समझदारी से इस्तेमाल कर रहे हैं। जब लोगों का पैसा वित्तीय रिसाव के माध्यम से बर्बाद होने के बजाय लोगों तक पहुंचता है, तो सडक़ें, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक कार्य किए जा सकते हैं। सरकारी कार्यक्रम तभी सार्थक होते हैं, जब उनका लाभ आम परिवारों तक पहुंचता है।
उन्होंने कहा, माताओं ने मुझे बताया है कि उन्हें दी जा रही वित्तीय सहायता का इस्तेमाल उनके बच्चों की पढ़ाई की फीस, घरेलू जरूरतों और अन्य जरूरी खर्चों के लिए किया जा रहा है। कल्याणकारी कार्यक्रमों का यही उद्देश्य होता है—परिवारों को सीधे सहायता प्रदान करना।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की, 1 अक्टूबर को महिलाओं के फोन पर नोटिफिकेशन की ‘टूं-टूं’ फिर बजेगी और ‘मावां धियां सत्कार योजना’ का लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया, कांग्रेस और अकाली दल हमारी सरकार द्वारा घोषित कई योजनाओं का विरोध कर रहे हैं। विपक्ष के कुछ नेताओं ने सत्ता में वापस आने पर सरकारी योजनाओं को बंद करने की बात कही है। राजनीतिक पार्टियों को केवल मौजूदा कार्यक्रमों की आलोचना करने के बजाय लोगों को यह बताना चाहिए कि वे पंजाब के लिए क्या करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, पंजाब का जल संकट हमारे भविष्य का सवाल है। हमने कृषि को नहरी सिंचाई की ओर स्थानांतरित करने और भूजल पर निर्भरता कम करने के लिए बड़े कार्य किए हैं। इस सिंचाई अभियान के तहत लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई गई हैं और नहरी पानी के उपयोग में काफी वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा, नहरी सिंचाई का उपयोग लगभग 22त्न से बढक़र 88त्न हो गया है, जबकि कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में एक से पांच मीटर तक सुधार हुआ है। हमने भूजल स्तर को ऊपर उठाकर पंजाब के रेगिस्तान बनने की भविष्यवाणी को गलत साबित कर दिया है।
उन्होंने आगे कहा, पानी का संरक्षण केवल कृषि का मुद्दा नहीं है। यह पंजाब के भविष्य का सवाल है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पंजाब के भूजल संकट के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे किसानों को नहरी पानी मिले और भूजल की हर बूंद का समझदारी से इस्तेमाल किया जाए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, हमने सिंचाई के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश किया है। सरकार ने पहले यह निवेश लगभग 6,700 करोड़ रुपये रखा था, जिससे 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और खालों का निर्माण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा एक अन्य ऐसा क्षेत्र है, जिसके कायाकल्प का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा, जब मैंने पद संभाला था, तब पंजाब शिक्षा सूचकांक में 27वें स्थान पर था। हमारी सरकार के ठोस प्रयासों के कारण पंजाब अब नीति आयोग के शिक्षा मूल्यांकन में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। हमारे शिक्षकों को फिनलैंड, सिंगापुर और आईआईएम जैसी संस्थाओं और स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भेजा जा रहा है। हमारे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने के लिए स्कूल ऑफ एमिनेंस भी स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, सरकारी स्कूलों के बदलाव को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में हमारे विद्यार्थियों के प्रदर्शन के माध्यम से मापा जा सकता है। 2026 के नीट परिणामों के अनुसार पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने पात्रता हासिल की है, जबकि 2021 में यह संख्या लगभग 80 थी।
उन्होंने कहा, इन आंकड़ों के पीछे आम लोगों के परिवार हैं। उनके माता-पिता छोटी दुकानें चलाते हैं, मजदूरी करते हैं, रिक्शा चलाते हैं या सब्जियां बेचते हैं। जब उनके बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर बनते हैं तो पूरा परिवार आगे बढ़ता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, सरकारी स्कूलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को महंगे निजी संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का समान अवसर मिले। शिक्षा और रोजगार परिवारों को गरीबी से बाहर निकालने के सबसे प्रभावी तरीकों में से हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, मेरे दौरों के दौरान लोगों द्वारा दिखाया गया प्यार मेरे लिए ताकत का स्रोत है। ऐसे प्यार को पैसे के रूप में नहीं मापा जा सकता। मेरी पगड़ी लोगों के प्यार के कारण फूलों से भरी होती है और इस प्यार की कोई कीमत नहीं है तथा इसे किसी भी मुद्रा में नहीं मापा जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत बसें श्रद्धालुओं को देशभर के धार्मिक स्थलों पर ले जा रही हैं। बहुत से लाभार्थी वापस लौटने पर अपना आभार व्यक्त करते हैं। ये कार्यक्रम आम लोगों के लिए अवसरों और सुविधाओं को सुलभ बनाने के बारे में हैं।
उन्होंने कहा, पंजाब के सामने आने वाली समस्याएं दशकों से जमा हुई हैं और रातों-रात हल नहीं हो सकतीं। सडक़ें, सिंचाई परियोजनाएं, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार और खेल बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों को हल करने के हमारे प्रयास जारी हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, पंजाब अब ऐसे मॉडल की ओर बढ़ रहा है, जिसमें युवाओं को नशे या बेरोजगारी की ओर धकेले जाने के बजाय डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी, उद्यमी और पेशेवर बनने की आकांक्षा रखने का अवसर मिले।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने समापन करते हुए कहा, मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे विभिन्न पार्टियों द्वारा किए जाने वाले राजनीतिक दावों के प्रति सचेत रहें और सरकारों का मूल्यांकन उनके काम के आधार पर करें। पंजाब, पंजाबियों का है और राजनीतिक पार्टियों को उनके प्रति जवाबदेह होना चाहिए। हमारी सरकार शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा, सिंचाई, बिजली, सडक़ों, खेलों और सामाजिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी।दलित महिलाओं को 1,000 रुपये के वादे से 500 रुपये अधिक, 1,500 रुपये प्रति माह दे रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
750 किसानों की मौत के लिए जिम्मेदार भाजपा पंजाब आकर वोट कैसे मांग सकती है? मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमने भूजल स्तर को ऊपर उठाकर पंजाब के रेगिस्तान बनने की भविष्यवाणी को गलत साबित किया है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
भ्रष्टाचार के सभी दरवाजे बंद करके लोगों का पैसा जनकल्याण के लिए खर्च किया जा रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संगरूर के बालियां में ‘लोक मिलनी’ को संबोधित किया
संगरूर ,20 सितंबर ,(आरएनएस)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि उनकी सरकार महिलाओं और आम परिवारों को सीधे लाभ पहुंचा रही है, जबकि लोगों के पैसे का इस्तेमाल पंजाब के विकास के लिए किया जा रहा है। बालियां में एक ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहली अक्टूबर को महिलाओं के फोन पर सम्मान राशि पहुंचने की ‘टूं-टूं’ की आवाज फिर सुनाई देगी। इसमें दलित महिलाओं से किए गए 1,000 रुपये के वादे के मुकाबले 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
पंजाब में वोट मांगने आई भाजपा पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि 750 किसानों की मौत के बाद भाजपा लोगों का समर्थन कैसे मांग सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने भूजल स्तर को ऊपर उठाकर पंजाब के रेगिस्तान बनने की भविष्यवाणी को गलत साबित कर दिया है और भ्रष्टाचार के सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं।
‘लोक मिलनी’ के दौरान विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने शासन का रुख आम नागरिकों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और विद्यार्थियों के कल्याण की ओर मोड़ा है। उन्होंने कहा, पंजाब ने दशकों तक कुछ गिने-चुने परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती राजनीति देखी है। आज आम लोगों ने जवाबदेही और विकास की मांग करनी शुरू कर दी है और यह ऐसी बात है जिसे दशकों तक पंजाब पर शासन करने वाली राजनीतिक पार्टियों के लिए पचा पाना मुश्किल हो रहा है। विपक्ष मुख्य रूप से हमारी सरकार और हमारे जनहितैषी प्रयासों के विरोध के कारण एकजुट है।
उन्होंने कहा, वही अकाली, जो कभी भाजपा को किसान विरोधी कहते थे और बार-बार पार्टी की आलोचना करते थे, आज उसका समर्थन मांग रहे हैं। यह दर्शाता है कि राजनीतिक परिस्थितियां कैसे बदल सकती हैं, जब सत्ता हासिल करना ही एकमात्र उद्देश्य हो। जिन्होंने पहले एक-दूसरे के खिलाफ कड़े बयान दिए थे, वे अब सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, पंजाब के लोगों को सब कुछ याद है। वे जानते हैं कि किसने कब और क्या कहा। पंजाब ने अतीत में वह देखा है, जिसे मैं दो अलग-अलग राजनीतिक पहलू कहता हूं—एक कांग्रेस का और दूसरा अकालियों का। दोनों पार्टियों ने राजनीतिक हितों के लिए लोगों को बांटा। अपने सार्वजनिक मतभेदों के बावजूद वे अपने राजनीतिक और निजी हितों के माध्यम से जुड़े रहे और लोगों को बड़े स्तर पर गुमराह करते रहे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, हमारी राजनीतिक बहस अब स्कूलों, अस्पतालों, रोजगार, बिजली, सिंचाई, सडक़ों, खेल बुनियादी ढांचे और हमारे युवाओं के लिए अवसरों के बारे में होनी चाहिए। पंजाब को ऐसी राजनीति की जरूरत है जो आम परिवारों को प्रभावित करने वाले मुद्दों के बारे में बात करे।
मुख्यमंत्री ने कहा, रोजगार पैदा करना हमारी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। लगभग 71,000 सरकारी नौकरियां केवल योग्यता के आधार पर दी गई हैं। कोई भी व्यक्ति मेरी ओर उंगली उठाकर यह नहीं कह सकता कि सरकारी नौकरी देने के लिए पैसे लिए गए थे। पूरी भर्ती योग्यता के आधार पर की गई है।
उन्होंने आगे कहा, रोजगार उपलब्ध कराने का उद्देश्य केवल नौकरी देना ही नहीं है। यह युवाओं को सम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और अपने परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने का अवसर देने के बारे में है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, हमने 2022 में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली का ऐलान किया था और यह योजना घरों को काफी राहत प्रदान कर रही है। सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल नागरिकों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और राज्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पंजाब के अपने बिजली ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। लहरा मोहब्बत में गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल पावर प्लांट पंजाब के बिजली बुनियादी ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, हम लोगों के पैसे का समझदारी से इस्तेमाल कर रहे हैं। जब लोगों का पैसा वित्तीय रिसाव के माध्यम से बर्बाद होने के बजाय लोगों तक पहुंचता है, तो सडक़ें, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक कार्य किए जा सकते हैं। सरकारी कार्यक्रम तभी सार्थक होते हैं, जब उनका लाभ आम परिवारों तक पहुंचता है।
उन्होंने कहा, माताओं ने मुझे बताया है कि उन्हें दी जा रही वित्तीय सहायता का इस्तेमाल उनके बच्चों की पढ़ाई की फीस, घरेलू जरूरतों और अन्य जरूरी खर्चों के लिए किया जा रहा है। कल्याणकारी कार्यक्रमों का यही उद्देश्य होता है—परिवारों को सीधे सहायता प्रदान करना।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की, 1 अक्टूबर को महिलाओं के फोन पर नोटिफिकेशन की ‘टूं-टूं’ फिर बजेगी और ‘मावां धियां सत्कार योजना’ का लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया, कांग्रेस और अकाली दल हमारी सरकार द्वारा घोषित कई योजनाओं का विरोध कर रहे हैं। विपक्ष के कुछ नेताओं ने सत्ता में वापस आने पर सरकारी योजनाओं को बंद करने की बात कही है। राजनीतिक पार्टियों को केवल मौजूदा कार्यक्रमों की आलोचना करने के बजाय लोगों को यह बताना चाहिए कि वे पंजाब के लिए क्या करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, पंजाब का जल संकट हमारे भविष्य का सवाल है। हमने कृषि को नहरी सिंचाई की ओर स्थानांतरित करने और भूजल पर निर्भरता कम करने के लिए बड़े कार्य किए हैं। इस सिंचाई अभियान के तहत लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई गई हैं और नहरी पानी के उपयोग में काफी वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा, नहरी सिंचाई का उपयोग लगभग 22त्न से बढक़र 88त्न हो गया है, जबकि कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में एक से पांच मीटर तक सुधार हुआ है। हमने भूजल स्तर को ऊपर उठाकर पंजाब के रेगिस्तान बनने की भविष्यवाणी को गलत साबित कर दिया है।
उन्होंने आगे कहा, पानी का संरक्षण केवल कृषि का मुद्दा नहीं है। यह पंजाब के भविष्य का सवाल है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पंजाब के भूजल संकट के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे किसानों को नहरी पानी मिले और भूजल की हर बूंद का समझदारी से इस्तेमाल किया जाए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, हमने सिंचाई के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश किया है। सरकार ने पहले यह निवेश लगभग 6,700 करोड़ रुपये रखा था, जिससे 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और खालों का निर्माण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा एक अन्य ऐसा क्षेत्र है, जिसके कायाकल्प का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा, जब मैंने पद संभाला था, तब पंजाब शिक्षा सूचकांक में 27वें स्थान पर था। हमारी सरकार के ठोस प्रयासों के कारण पंजाब अब नीति आयोग के शिक्षा मूल्यांकन में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। हमारे शिक्षकों को फिनलैंड, सिंगापुर और आईआईएम जैसी संस्थाओं और स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भेजा जा रहा है। हमारे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने के लिए स्कूल ऑफ एमिनेंस भी स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, सरकारी स्कूलों के बदलाव को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में हमारे विद्यार्थियों के प्रदर्शन के माध्यम से मापा जा सकता है। 2026 के नीट परिणामों के अनुसार पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने पात्रता हासिल की है, जबकि 2021 में यह संख्या लगभग 80 थी।
उन्होंने कहा, इन आंकड़ों के पीछे आम लोगों के परिवार हैं। उनके माता-पिता छोटी दुकानें चलाते हैं, मजदूरी करते हैं, रिक्शा चलाते हैं या सब्जियां बेचते हैं। जब उनके बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर बनते हैं तो पूरा परिवार आगे बढ़ता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, सरकारी स्कूलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को महंगे निजी संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का समान अवसर मिले। शिक्षा और रोजगार परिवारों को गरीबी से बाहर निकालने के सबसे प्रभावी तरीकों में से हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, मेरे दौरों के दौरान लोगों द्वारा दिखाया गया प्यार मेरे लिए ताकत का स्रोत है। ऐसे प्यार को पैसे के रूप में नहीं मापा जा सकता। मेरी पगड़ी लोगों के प्यार के कारण फूलों से भरी होती है और इस प्यार की कोई कीमत नहीं है तथा इसे किसी भी मुद्रा में नहीं मापा जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत बसें श्रद्धालुओं को देशभर के धार्मिक स्थलों पर ले जा रही हैं। बहुत से लाभार्थी वापस लौटने पर अपना आभार व्यक्त करते हैं। ये कार्यक्रम आम लोगों के लिए अवसरों और सुविधाओं को सुलभ बनाने के बारे में हैं।
उन्होंने कहा, पंजाब के सामने आने वाली समस्याएं दशकों से जमा हुई हैं और रातों-रात हल नहीं हो सकतीं। सडक़ें, सिंचाई परियोजनाएं, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार और खेल बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों को हल करने के हमारे प्रयास जारी हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, पंजाब अब ऐसे मॉडल की ओर बढ़ रहा है, जिसमें युवाओं को नशे या बेरोजगारी की ओर धकेले जाने के बजाय डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी, उद्यमी और पेशेवर बनने की आकांक्षा रखने का अवसर मिले।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने समापन करते हुए कहा, मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे विभिन्न पार्टियों द्वारा किए जाने वाले राजनीतिक दावों के प्रति सचेत रहें और सरकारों का मूल्यांकन उनके काम के आधार पर करें। पंजाब, पंजाबियों का है और राजनीतिक पार्टियों को उनके प्रति जवाबदेह होना चाहिए। हमारी सरकार शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा, सिंचाई, बिजली, सडक़ों, खेलों और सामाजिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी।

Previous articleमाता-पिता के साथ 20 साल की बेटी की भी मौत, अजमेर की घटना से दहला इलाका
Next articleफरीदकोट में 47 किलो हेरोइन पकड़ी, नाकाबंदी दौरान कार सहित 4 गिरफ्तार; 3 विदेशी पिस्टल भी बरामद