आप कौन यहां कैसे आए…मैं डीएसपी, मैं कैसे मानूं, जेई ने पूछा, 15 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

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भोपाल (ए.)। भोपाल में नया मीटर लगाने और बिजली चोरी के केस में सेटलमेंट के नाम पर रिश्वत का मामला सामने आया है। बिजली कंपनी के जेई अर्पित उपाध्याय को लोकायुक्त की टीम ने बुधवार दोपहर 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई डीएसपी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में की गई। लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। कार्रवाई का एक लाइव वीडियो सामने आया है। इसमें लोकायुक्त टीम के पहुंचने के बाद फरियादी आरोपी जेई की शिनाख्त करता दिखाई-सुनाई दे रहा है। फरियादी टीम को बताता है कि जेई ने रकम लेकर अपनी पिछली जेब में रखी है। वीडियो में कार्रवाई के दौरान जेई अर्पित उपाध्याय लोकायुक्त डीएसपी से उनका परिचय पूछता है। वह कहता सुनाई देता है- ‘आप कौन हैं, आए कैसे हैं?’इस पर डीएसपी वीरेंद्र सिंह अपना परिचय देते हुए कहते हैं- ‘मैं डीएसपी लोकायुक्त हूं… साथ मेरी टीम है। आपको रिश्वत के साथ ट्रैप किया गया है। इसके बाद डीएसपी दूसरे आरोपी राजेंद्र बरवड़े से उसका परिचय पूछते हैं। वीडियो में डीएसपी दोनों से कहते सुनाई देते हैं कि घबराएं नहीं, आप लोग कोऑपरेट करेंगे तो हम भी कोऑपरेट करेंगे। इसके बाद दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए हिरासत में ले लिया जाता है। वीडियो में राजेंद्र बरवड़े को एक पुलिसकर्मी हाथ पकड़े कुर्सी पर बैठाए दिखाई दे रहा है।
नया मीटर लगाने के साथ पुराने केस में सेटलमेंट का आरोपजानकारी के अनुसार आवेदक तारीक सिद्दीकी ने नया बिजली मीटर लगवाने के लिए आवेदन किया था। इसी दौरान उससे पुराने बिजली चोरी के प्रकरण में सेटलमेंट कराने और नया मीटर लगवाने के एवज में 20 हजार रुपए की मांग की गई। रिश्वत की रकम को लेकर तारीक सिद्दीकी की राजेंद्र बरवड़े से डील हुई थी।इसके बाद रकम लेने के लिए जेई अर्पित उपाध्याय ने आवेदक को छोला स्थित विद्युत कार्यालय बुलाया था। आवेदक ने मामले की शिकायत लोकायुक्त से की।
शिकायत का सत्यापन, फिर ट्रैप की तैयारी
लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद आरोपियों को रिश्वत की रकम के साथ पकडऩे की योजना बनाई गई। तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार दोपहर करीब 1 बजे तारीक सिद्दीकी 20 हजार रुपए लेकर छोला विद्युत कार्यालय पहुंचा।जैसे ही जेई अर्पित उपाध्याय ने रकम ली, वहां पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने उसके कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद की।लोकायुक्त ने जेई अर्पित उपाध्याय और मामले से जुड़े राजेंद्र बरवड़े के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि रिश्वत की मांग और रकम के लेन-देन में बिजली कंपनी के किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका थी या नहीं।

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