नई दिल्ली, (आरएनएस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढऩे की संभावना है। इसके प्रभाव से मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।मौसम विभाग के अनुसार, देश में हो रही वर्षा के पीछे मुख्य कारण निम्न दबाव क्षेत्र, मानसून द्रोणिका और नमी वाली हवाएं हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाएं निम्न दबाव क्षेत्र को ऊर्जा प्रदान कर रही हैं। इसके कारण बादलों का निर्माण हो रहा है और मध्य तथा उत्तरी भारत के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ रही हैं। निम्न दबाव क्षेत्र के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढऩे के साथ वर्षा का प्रभाव उत्तरी भारत के अन्य हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है।
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक बार फिर आंधी-तूफान के साथ वर्षा की स्थिति बन रही है। उत्तर प्रदेश की ओर से वर्षा का क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर की तरफ बढ़ रहा है। नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में मध्यम वर्षा होने की संभावना है। दिल्ली और गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में शाम पांच बजे से रात आठ बजे के बीच वर्षा हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में यह मौसम ऐसे समय में बदला है, जब एक दिन पहले हुई भारी वर्षा के कारण कई इलाकों में जलभराव और यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। खराब मौसम के कारण कई उड़ानों के मार्ग में भी बदलाव करना पड़ा था।
बिहार में 30 अगस्त तक वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है।
ओडिशा में भी कई स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। झारखंड तथा गंगा के मैदानी क्षेत्रों वाले पश्चिम बंगाल में भी वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी इस दौरान वर्षा होने का अनुमान है।
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग समय पर वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस सप्ताह मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
कोंकण और गोवा में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में भी आज वर्षा हो सकती है। दक्षिण भारत में 26 से 28 अगस्त के बीच केरल, माहे और लक्षद्वीप में व्यापक वर्षा का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में पूरे सप्ताह वर्षा की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, इस समय देश में मानसूनी वर्षा सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम चल रही है। नए अनुमान में मानसून की कमी लगभग 15 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू हो गई है। राजस्थान के इस हिस्से में आने वाले दिनों में बहुत कम वर्षा होने की संभावना है और किसी बड़े मौसम तंत्र के प्रभाव में आने की भी संभावना कम है।
हालांकि, पूर्वी राजस्थान में मानसून सक्रिय रह सकता है। कोटा, बूंदी, बारां, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, करौली, दौसा और भरतपुर जिलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है।
सौराष्ट्र और कच्छ से भी मानसून की वापसी शुरू हो रही है। इसके चलते इन क्षेत्रों में आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां काफी कम रहने का अनुमान है।
दूसरी ओर, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा का दौर जारी है। पूर्वी राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में भी मानसून की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान से स्पष्ट है कि देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां अभी बनी रहेंगी, जबकि पश्चिमी राजस्थान और सौराष्ट्र-कच्छ जैसे क्षेत्रों में मानसून की विदाई का दौर आगे बढ़ रहा है।








