नई दिल्ली (आरएनएस)। सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि सरकार ने मेटा की उस टीम से सवाल किया, जो भारत आई है. पूछताछ हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट पर कुछ समय के लिए रोक लगाने के मामले में सोशल मीडिया कंपनी को समन भेजे जाने के बाद की गई. सरकार और मेटा की ग्लोबल टीम के बीच बातचीत संपन्न हो गई है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि मेटा से उनके एल्गोरिदम के बारे में भी सवाल किए गए. उनसे यह पूछा गया कि क्या उनके नियमों का पालन करने वाले सिस्टम में संवैधानिक और कानूनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त जांच-पड़ताल और सुरक्षा उपाय मौजूद हैं।
मेटा के ग्लोबल अफेयर्स हेड जोएल कपलान को सरकार ने यह बताने के लिए बुलाया था कि प्रधानमंत्री की फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए क्यों रोका गया था. कपलान मेटा में 2011 में शामिल होने से पहले जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के प्रशासन में काम कर चुके हैं।
मीटिंग के बाद, सरकारी सूत्रों ने बताया कि मेटा के अधिकारियों ने बच्चों के यौन शोषण वाले कंटेंट और डीपफेक से जुड़ी कमियों को माना और यह भी स्वीकार किया कि एक खास तरह के कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए काफी पैसे दिए गए थे पता चला है कि वैष्णव ने मेटा से यह भी पूछा कि क्या वे अपने प्लेटफॉर्म पर गैर-कानूनी कंटेंट को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठा रहे हैं.सरकारी सूत्रों ने कहा, उन्होंने माना कि उनके सिस्टम इतने सारे गैर-कानूनी कंटेंट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि वे इस सब पर काबू नहीं पा पा रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव गुरुवार को मेटा की ग्लोबल टीम से मिले और इसके बाद मंत्रालय की तकनीकी टीमों के साथ बातचीत हुई. इससे पहले बुधवार को मेटा के अधिकारियों की वैष्णव से मुलाकात के बाद सरकारी सूत्रों ने बताया था कि अमेरिका स्थित इस टेक कंपनी ने मोदी की फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए हटाने के साथ-साथ कई अन्य गलतियों के लिए भी माफी मांगी थी।
इन गलतियों में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट, डीपफेक और बहुत सारा पैसा लेकर कुछ खास कंटेंट को बढ़ावा देना शामिल था. मेटा के ग्लोबल अफेयर्स हेड जोएल कपलान, जो भारतीय अधिकारियों के साथ बैठक के लिए अमेरिका से आए थे, ने एक लिखित बयान में कहा कि उन्होंने पीएम मोदी की पोस्ट पर रोक लगाने की गलती के लिए मेटा की ओर से मंत्री से माफी मांगी. वहीं, अपनी पहचान न बताने की शर्त पर सरकारी सूत्रों ने कहा कि यह माफी कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की तरफ से मांगी गई थी.








