इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, बीजेपी सांसदों ने जिंदाबाद के नारे लगाए

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पिछले हफ्ते छात्रों के जोरदार प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान आज सोमवार को जब संसद भवन पहुंचे तो मकर द्वार पर बीजेपी सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया. उनके समर्थन में नारे में भी लगाए गए. बीजेपी सासंदों ने प्रधान जिंदाबाद के नारे भी लगाए. इस्तीफे के बाद प्रधान पहली बार सार्वजनिक तौर पर दिखाई दिए. संसद के मकर द्वार पर ही कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई सांसद भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे जंतर-मंतर पर सीजेपी की अगुवाई में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को हुई घटना के लिए केंद्रीय गृह मंत्री (अमित शाह) की जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. इससे पहले धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले हफ्ते शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. इस इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना आंदोलन खत्म कर लिया. इस्तीफे के कुछ देर बाद ही केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई तीसरे दौर की बैठक हुई जिसमें आंदोलन खत्म करने को लेकर सहमति बनी.
धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ङ्ग पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका देश विरोधी ताकतें फायदा न उठा पाएं और देश की एकता बनी रहे. देश के एक भी छात्र का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, हमारे बच्चे पढ़ाई में अपना समय लगाएं, करियर बनाने पर ध्यान केंद्रित करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है.
प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस समेत सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने इस पर खुशी जताई और युवाओं की जीत करार दिया. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रधान भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का प्रतीक हैं. अच्छा हुआ कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया.
वहीं पूर्व शिक्षा मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी छात्रों को उनके आंदोलन के शांतिपूर्ण समापन के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा, ‘देर आए दुरुस्त आए’.

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