512 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, मुंबई का रंग शारदा होटल और भूखंड कुर्क

Join Us

मुंबई ,26 जुलाई ,(आरएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 512 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के बांद्रा स्थित रंग शारदा होटल और प्रभादेवी क्षेत्र में स्थित एक भूखंड को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। एजेंसी के अनुसार, जब्त की गई दोनों संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब  करोड़ रुपये है। मामले में अवैध तरीके से अर्जित धन को वैध बनाने के आरोपों की जांच जारी है।
ईडी की जांच प्रभुदास वीरचंद लोटिया और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ चल रही है। एजेंसी का कहना है कि कार्रवाई रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी संपत्तियों पर की गई है। यह मामला उस जमीन से संबंधित है, जिसे महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) ने मराठी नाटक, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रियायती शर्तों पर रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट को आवंटित किया था।
जांच में आरोप है कि आवंटित भूमि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के बजाय बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया गया। ईडी के मुताबिक, जमीन आवंटन की शर्तों का उल्लंघन करते हुए होटल, रेस्टोरेंट, बार, मैरिज हॉल, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का संचालन किया गया, जिससे भारी आर्थिक लाभ अर्जित किया गया।
एजेंसी ने बताया कि जांच की शुरुआत बांद्रा पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी। ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने अपनी शिकायत में प्रभुदास वीरचंद लोटिया और रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। इसी शिकायत के आधार पर ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ईडी का आरोप है कि संबंधित कंपनी को समझौते के अनुसार ड्रामा थिएटर और कलाकारों के लिए आवासीय सुविधा विकसित कर ट्रस्ट को सौंपनी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बजाय आवश्यक अनुमतियों के बिना पूरे परिसर का व्यावसायिक उपयोग किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि व्यावसायिक परिसरों की कथित रूप से अवैध बिक्री कर प्राप्त धन से प्रभादेवी में दूसरी संपत्ति खरीदी गई।
एजेंसी के अनुसार, होटल, रेस्टोरेंट, बार, मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से करीब 512 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित की गई, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से वैध बनाने का प्रयास किया गया। फिलहाल &&2 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली गई हैं और मामले की आगे जांच जारी है

Previous articleएआई के सहारे उगाही का नया खेल, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क का पुणे पुलिस ने किया खुलासा
Next articleमेगा डीएससी भर्ती विवाद पर वाईएसआरसीपी का सरकार पर हमला, नारा लोकेश के इस्तीफे और सीबीआई जांच की मांग