फीफा वर्ल्ड कप फाइनल से पहले स्पेन को बड़ी राहत, फिट हुए लामिन यामल

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फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले से पहले स्पेन के लिए राहत भरी खबर आई है। अर्जेंटीन के खिलाफ होने वाले खिताबी मुकाबले के लिए टीम के युवा स्टार फॉरवर्ड लामिन यामल अब पूरी तरह फिट हैं। इस बात की जानकारी टीम के हेड कोच लुइस डे ला फुएंते ने दी है।
19 वर्षीय यामल को फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल मैच के बाद लंगड़ाते हुए देखा गया था। उस मुकाबले में स्पेन ने 2-0 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई थी। चोट के कारण यामल गुरुवार को टीम के अभ्यास सत्र में शामिल नहीं हुए थे। इससे उनके फाइनल खेलने को लेकर सवाल उठने लगे थे।
हालांकि, डे ला फुएंते ने सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि यामल को जोरदार चोट लगी थी, जिससे काफी दर्द हो रहा था। एहतियात के तौर पर उन्हें आराम दिया गया था। कोच ने बताया कि शुक्रवार के अभ्यास सत्र में यामल ने अपने साथियों के साथ पूरी ट्रेनिंग की और अब वह फिट हैं।
कोच ने कहा कि शनिवार का अभ्यास सत्र टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। अगर किसी खिलाड़ी को आखिरी समय में कोई परेशानी होती है तो उसे ठीक होने का मौका नहीं मिलेगा। इसलिए टीम मैनेजमेंट हर खिलाड़ी की फिटनेस पर नजर रख रहा है। स्पेन के लिए यह मुकाबला बेहद खास है। टीम 2010 में विश्व कप जीतने के बाद पहली बार फाइनल में पहुंची है। दूसरी ओर, अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार और कुल मिलाकर चौथी बार विश्व कप का खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी। इससे पहले, अर्जेंटीना 1978, 1986 और 2022 में विश्व चैंपियन बन चुका है।
डे ला फुएंते का मानना है कि फाइनल में दुनिया की दो बेहतरीन टीमें आमने-सामने होंगी। उन्होंने कहा कि स्पेन और अर्जेंटीना दोनों के पास शानदार खिलाड़ी हैं और दोनों टीमों का रवैया भी काफी हद तक एक जैसा है। कोच के मुताबिक, फाइनल में वही टीम सफल होगी जो अपने खेल और प्रतिभा का बेहतर इस्तेमाल करेगी।
फाइनल तक पहुंचने का दोनों टीमों का सफर अलग-अलग रहा है। स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में गेंद पर नियंत्रण रखने वाले खेल और मजबूत डिफेंस के दम पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। टीम बिना कोई मैच हारे और सिर्फ एक गोल खाकर फाइनल तक पहुंची है। वहीं, अर्जेंटीना ने कई मुकाबलों में आखिरी समय में गोल करके जीत हासिल की और मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलने की क्षमता दिखाई है।
डे ला फुएंते ने अर्जेंटीना की इस खूबी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी टीम कभी हार नहीं मानती। स्कोर में पीछे होने के बाद भी वह शानदार वापसी कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्पेन की टीम भी ऐसी परिस्थितियों से निकलने का अनुभव रखती है। डे ला फुएंते ने अर्जेंटीना के हेड कोच लियोनेल स्कालोनी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों की सोच, टीम को आगे बढ़ाने का तरीका और फुटबॉल को देखने का नजरिया काफी मिलता-जुलता है। स्पेन के कोच ने माना कि बड़े मुकाबलों में छोटी-छोटी बातें ही जीत और हार का फैसला करती हैं।
फाइनल से पहले सबसे ज्यादा चर्चा अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी को रोकने की रणनीति पर भी हो रही है। इस टूर्नामेंट में मेसी ने अर्जेंटीना के 19 गोलों में से 12 में सीधा योगदान दिया है। इसके बावजूद डे ला फुएंते ने साफ कहा कि उनकी टीम मेसी के लिए अलग से ‘मैन-टू-मैन मार्किंग’ नहीं करेगी।
उन्होंने एक पुराना किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह सेविला की युवा टीम के कोच थे, तब बार्सिलोना के खिलाफ मैच में मेसी पर एक खिलाड़ी को खास जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, उस खिलाड़ी के येलो कार्ड मिलने के बाद बदलाव करना पड़ा और इसके कुछ ही मिनटों में मेसी ने चार गोल कर दिए। इसी अनुभव के कारण इस बार स्पेन अलग रणनीति अपनाएगा।
कोच ने अंत में युवा स्टार लामिन यामल को सलाह दी कि वह मेसी की नकल करने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि मेसी दुनिया के महान खिलाडिय़ों में से एक हैं, लेकिन यामल को अपनी पहचान के साथ खेलना चाहिए। डे ला फुएंते के अनुसार, यामल में अपार प्रतिभा है और अगर वह अपना स्वाभाविक खेल खेलते रहे तो भविष्य में बड़ी सफलताएं हासिल कर सकते हैं।

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