सोना-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट, खरीदारी से पहले जान लें ताजा भाव

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सोने और चांदी के आभूषण खरीदने या इनमें निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए गुरुवार को राहत भरी खबर रही। 16 जुलाई 2026 को सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में कमजोरी तथा घरेलू बाजार में निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण सोना और चांदी दोनों लाल निशान में कारोबार करते रहे।
अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव से सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। कारोबार के दौरान सोना 0.43 प्रतिशत यानी 17.40 डॉलर टूटकर 4,034.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसका असर चांदी की कीमतों पर भी दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57.235 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती रही।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, भारतीय बाजार में 10 ग्राम सोने की औसत कीमत में 680 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद सोने का औसत भाव घटकर 1,41,800 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। हालांकि, स्थानीय करों और अन्य शुल्कों के कारण विभिन्न शहरों में कीमतों में मामूली अंतर देखा जा सकता है।
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। औद्योगिक क्षेत्रों से मांग कमजोर पडऩे के कारण चांदी 1,320 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई। इसके बाद सर्राफा बाजार में चांदी का भाव 2,18,690 रुपये से 2,19,800 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच रहा। दक्षिण भारत के चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में खुदरा मांग अपेक्षाकृत बेहतर रहने के कारण वहां चांदी के दाम अन्य शहरों की तुलना में कुछ अधिक बने हुए हैं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते बड़े निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भी सर्राफा बाजार की धारणा पर पड़ा है। वहीं, दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक और सैन्य तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतकों, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतों तथा केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों के आधार पर सोना और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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