नेतन्याहू ने ट्रंप से फोन पर की बात, अमेरिका में जल्द हो सकती है दोनों की मुलाकात

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यरूशलम,04 जुलाई। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के मुताबिक इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बात हुई। इस बातचीत के दौरान दोनों नेता जल्द ही अमेरिका में मिलने पर सहमत हुए। पीएमओ के बयान के मुताबिक, नेतन्याहू ने अमेरिका की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ पर ट्रंप को बधाई दी। नेतन्याहू ने कहा, अमेरिका ही दुनिया की आजादी सुनिश्चित करता है और इजरायल दोनों देशों के बीच के मजबूत रिश्तों की बहुत कद्र करता है। बयान में आगे कहा गया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और राष्ट्रपति ट्रंप जल्द ही अमेरिका में मिलने पर सहमत हुए। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस प्रस्तावित बैठक के लिए कोई खास तारीख या जगह नहीं बताई।
बता दें कि दोनों नेताओं के बीच ऐसे समय में बात हुई है, जब बीते दिनों ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से नेतन्याहू की आलोचना की है। ट्रंप ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि लेबनान में हिज्बुल्लाह के साथ इजरायल के युद्ध से ईरान के साथ शांति वार्ता पर खतरा मंडराने लगा था। ईरान के साथ 14-पॉइंट वाले समझौता ज्ञापन पर चल रही बातचीत के बारे में ताजा जानकारी के अनुसार, कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि 1 जुलाई को कतर और पाकिस्तान ने दोहा में अमेरिका और ईरान के बातचीत करने वालों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों में 14-पॉइंट वाले समझौता ज्ञापन से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, सभी पक्ष आने वाले समय में बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं। अगली बैठक ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार के बाद जल्द से जल्द तय की जाएगी।
इससे पहले, 1 जुलाई को इजरायल ने कहा था कि लेबनान के साथ मौजूदा युद्धविराम समझौते के बावजूद वह हिज़्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखेगा। इजरायल की उप-विदेश मंत्री शेर्रेन हैस्केल ने तर्क दिया कि ईरान समर्थित यह सशस्त्र समूह सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बना हुआ है और जब तक हिज़्बुल्लाह के हथियार नहीं हटाए जाते, तब तक लेबनान में स्थायी स्थिरता असंभव है। हैस्केल ने एक इंटरव्यू में कहा कि जब तक हिज़्बुल्लाह इजरायली क्षेत्र पर हमले करता रहेगा, तब तक इजरायल के सैन्य अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समूह की सैन्य क्षमताओं को खत्म करने में इजरायल और लेबनान दोनों का हित है।

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